
मुंबई। मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच एक दुखद घटना ने माहौल को झकझोर दिया है। जुन्नार के पास रैली में शामिल प्रदर्शनकारी सतीश देशमुख की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। यह घटना बुधवार सुबह उस समय हुई जब रैली छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मस्थली शिवनेरी किले पर पहुंची थी। यहां मनोज जारंगे पाटिल ने शिवनेरी की पवित्र मिट्टी माथे पर लगाकर श्रद्धांजलि अर्पित की और इसके बाद मुंबई की ओर अपनी यात्रा जारी रखी। रैली का उद्देश्य मराठा समुदाय को कुनबी जाति के रूप में मान्यता देकर ओबीसी श्रेणी में आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर आज़ाद मैदान, मुंबई में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करना है। यह यात्रा 27 अगस्त को अंतरवली सरती से शुरू हुई थी और इसमें हजारों वाहनों का काफिला शामिल हुआ। बुधवार सुबह यह मंचर से होते हुए चाकन की ओर बढ़ रहा था, तभी देशमुख को घातक हार्ट अटैक आया। स्थानीय खेड़ तालुका का मराठा समुदाय रैली में शामिल लोगों को भोजन, चाय, नाश्ता, पानी और अन्य आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध कराने में जुटा है। यातायात अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन ने चाकन और आसपास के स्कूलों में छुट्टी घोषित की है, औद्योगिक बसों और भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है तथा भीड़ कम करने के लिए मार्ग परिवर्तित किए गए हैं। मनोज जारंगे पाटिल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में 29 जातियों को ओबीसी श्रेणी में शामिल करने के निर्णय ने मराठा समुदाय को और आक्रोशित कर दिया है। उनका कहना है कि मराठों को कृषि प्रधान कुनबी जाति के रूप में मान्यता दी जाए ताकि वे भी शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण के लाभ उठा सकें।