
इंद्र यादव/भदोही/वाराणसी। भदोही जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कोडीन युक्त कफ सिरप के बड़े रैकेट का खुलासा किया है। इस मामले में करीब 3 करोड़ 57 लाख 43 हजार 147 रुपये कीमत की 2,44,000 बोतलों के कागजी घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने वाराणसी निवासी आरोपी विजय गुप्ता को मानिकपुर तिराहे से गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार, कोडीन युक्त कफ सिरप एक वैध दवा है, लेकिन इसका दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है। बिना डॉक्टर के पर्चे के इसकी बिक्री प्रतिबंधित है। मामले का खुलासा तब हुआ जब आजमगढ़ के औषधि निरीक्षक ने सूचना दी कि दो फर्मों—मेसर्स शिव शक्ति इंटरप्राइजेज और मेसर्स माँ शारदा फार्मा—ने भदोही की एक मेडिकल फर्म को भारी मात्रा में फेंसेडिल कफ सिरप की आपूर्ति दिखाई है।जांच में सामने आया कि शिव शक्ति इंटरप्राइजेज से 1,41,000 और माँ शारदा फार्मा से 45,000 बोतल कफ सिरप कागजों में बेची गईं। ये आपूर्ति राजेंद्र एंड संस फर्म के माध्यम से दिलीप मेडिकल स्टोर और आयुष इंटरप्राइजेज को भेजी गई दिखायी गई, लेकिन वास्तविकता में सिरप को बीच रास्ते में ही “डायवर्ट” कर अवैध नशे के कारोबार में खपा दिया गया।पुलिस का आरोप है कि मुख्य आरोपी विजय गुप्ता ने आपराधिक साजिश के तहत फर्जी बिल और दस्तावेज तैयार कर पूरे नेटवर्क को संचालित किया, जिससे करोड़ों रुपये का अवैध मुनाफा कमाया गया। सिरप की बिक्री बिना किसी वैध मेडिकल प्रक्रिया के खुले बाजार में की जा रही थी।इस कार्रवाई को अभिनव त्यागी के निर्देश पर अंजाम दिया गया, जिनके नेतृत्व में जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर मानिकपुर तिराहे पर नाकाबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार विजय गुप्ता पहले भी नशा तस्करी से जुड़े मामलों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज थाने में एनडीपीएस एक्ट सहित कई धाराओं में मामला दर्ज है।इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक श्यामबहादुर यादव, उपनिरीक्षक रामसेवक यादव, हेड कांस्टेबल प्रेम प्रकाश दुबे और कांस्टेबल कन्हैया कुमार (साइबर सेल) की विशेष भूमिका रही।पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने कहा कि जिले में नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त अभियान जारी रहेगा। साथ ही इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है, ताकि इसमें शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जा सके। यह कार्रवाई भदोही के साथ-साथ वाराणसी, आजमगढ़ और आसपास के जिलों में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।




