
मुंबई। महाराष्ट्र पुलिस ने कथित 400 करोड़ रुपये के चोरला घाट कैश लूट मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी किशोर सांवला को गिरफ्तार कर लिया है। ठाणे निवासी बिल्डर और बिजनेसमैन किशोर सांवला ने शनिवार को नासिक ग्रामीण पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सांवला को 4 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। यह मामला पिछले वर्ष अक्टूबर में कर्नाटक के बेलगावी जिले के चोरला घाट इलाके में दो कंटेनर ट्रकों से कथित रूप से 400 करोड़ रुपये की नकदी लूट से जुड़ा है। यह नकदी कथित तौर पर नोटबंदी के 2,000 रुपये के पुराने नोटों के रूप में थी, जिसे अन्य स्थानों पर ले जाकर वैध मुद्रा में बदलने की योजना बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब नासिक के एक व्यवसायी ने नकदी खेप के गायब होने को लेकर अपहरण और जबरन वसूली की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान किशोर सांवला इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संदिग्ध बनकर सामने आया। जांच एजेंसियों का दावा है कि सांवला ने कथित तौर पर इस पूरी योजना की रूपरेखा तैयार करने और उसके बाद की बातचीत में अहम भूमिका निभाई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सांवला के ठाणे के एक राजनीतिक व्यक्ति से करीबी संबंध हैं और उसने कर्नाटक से अहमदाबाद स्थित एक आश्रम में करीब 400 करोड़ रुपये की नकदी को बदलने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह राशि कथित तौर पर महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों और उससे जुड़े राजनीतिक गतिविधियों में इस्तेमाल के लिए रखी गई थी। हालांकि, आरोप है कि यह नकदी इस्तेमाल से पहले ही रास्ते में गायब हो गई। कथित लूट की घटना 16 अक्टूबर को महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा के पास चोरला घाट क्षेत्र में हुई थी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले में राजनीतिक एंगल की भी गहन जांच की जा रही है, लेकिन जांच पूरी तरह सबूतों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारी ने कहा कि सांवला से पूछताछ के जरिए नकदी के स्रोत, कर्नाटक में जिन स्थानों पर रकम रखी गई थी, उन ठिकानों और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लाभार्थियों की पहचान किए जाने की उम्मीद है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब तक जांच में कॉल डेटा रिकॉर्ड, ऑडियो क्लिप, डिजिटल साक्ष्य और बैठकों से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं, जिनसे किशोर सांवला के अहमदाबाद के एक कथित हवाला ऑपरेटर, राजनीतिक बिचौलियों, गिरफ्तार आरोपी जयेश कदम और अन्य संदिग्धों से संपर्क होने के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियों का यह भी दावा है कि खेप गायब होने के बाद नकदी की रिकवरी के लिए सांवला ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता संदीप पाटिल के अपहरण की साजिश भी रची थी। एसआईटी अधिकारियों का कहना है कि मामले में हर गिरफ्तार आरोपी ने घटनाओं का अलग-अलग संस्करण पेश किया है, जिससे जांच और जटिल हो गई है। ऐसे में अब सांवला की कस्टडी में पूछताछ को बेहद अहम माना जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह वास्तव में लूट का मामला है या किसी बड़े धोखाधड़ी और अवैध लेन-देन नेटवर्क से जुड़ा हुआ अपराध।




