
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रालय में आयोजित वॉर रूम बैठक में राज्य की 18 पूर्व समीक्षा की गई और 15 नई महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करना अनिवार्य है। बैठक में मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, मुख्यमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहकार प्रविण परदेशी, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मुंबई, विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया और मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए सूक्ष्म नियोजन करें और नियमित बैठकें आयोजित कर तय समयसीमा में काम पूरा करें। उन्होंने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने, वन एवं पर्यावरण मंजूरी शीघ्र लेने, ज़ोनल मास्टर प्लान तैयार करने और धारावी जैसे प्रोजेक्ट के लिए अत्याधुनिक तकनीक से सटीक सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए। वर्धा-नांदेड और वर्धा-गडचिरोली रेलवे प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने को कहा गया, वहीं वाधवन बंदरगाह परियोजना के लिए वन भूमि से संबंधित मुद्दों को शीघ्र सुलझाने के आदेश दिए गए। मुंबई और पुणे मेट्रो परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण को प्राथमिकता देने, छत्रपति संभाजीनगर जल आपूर्ति योजना की तकनीकी अड़चनें दूर करने तथा मगाठाणे-गोरेगांव डीपी रोड के लिए आवश्यक वन्यजीव स्वीकृति शीघ्र देने की बात कही गई। इसके साथ ही एमएमआरडीए द्वारा परियोजना प्रभावितों के लिए बनाए गए फ्लैट्स को बीएमसी को हस्तांतरित करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली वॉर रूम बैठक में 73 समस्याओं पर चर्चा हुई थी, जिनमें से 31 का समाधान हो चुका है और बाकी मामलों पर प्रक्रिया जारी है। जिन निर्देशों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है, उन पर तत्काल निर्णय लेकर कार्य शुरू करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।




