
जयपुर, राजस्थान। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा है कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति केवल कैडर की औपचारिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह अधिकारियों के करियर विकास और पेशेवर क्षमता को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में कार्य करते हुए प्राप्त अनुभव राज्य प्रशासन को भी मजबूत करता है और नीति निर्माण व प्रशासनिक दक्षता में गुणात्मक सुधार लाता है। मुख्य सचिव मंगलवार को शासन सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए पात्र भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के साथ आयोजित संवादात्मक बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों से अपने करियर की दीर्घकालिक योजना बनाते हुए समयबद्ध और सोच-समझकर निर्णय लेने तथा केंद्रीय सेवाओं में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने बैठक में कहा कि वर्ष 2011 बैच और उसके बाद के आईपीएस अधिकारियों के लिए यह आवश्यक है कि वे एसपी अथवा डीआईजी स्तर पर न्यूनतम दो वर्ष की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पूरी करें, ताकि वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति से पूर्व उन्हें केंद्र सरकार में कार्य का आवश्यक अनुभव प्राप्त हो सके। बैठक के दौरान कार्मिक विभाग द्वारा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से संबंधित विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसमें सेवा अवधि के आधार पर एसपी, डीआईजी, आईजी, एडीजी एवं डीजी स्तर पर पात्रता, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की सामान्य अवधि, पदोन्नति के दौरान संयुक्त कार्यकाल, कठिन क्षेत्रों में सेवा देने पर अवधि विस्तार, प्रशिक्षण अवधि की गणना, कूलिंग-ऑफ अवधि, प्रत्यावर्तन एवं डिबारमेंट से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों एवं अन्य केंद्रीय संगठनों में आईपीएस अधिकारियों के लिए स्वीकृत पदों तथा वर्तमान रिक्तियों की स्थिति भी साझा की गई, जिससे अधिकारियों को उपलब्ध अवसरों का स्पष्ट आकलन मिल सके। बैठक में शासन सचिव, कार्मिक विभाग अर्चना सिंह सहित गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि राज्य के विभिन्न जिलों एवं इकाइयों से आईपीएस अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता की।




