
देवेश प्रताप सिंह राठौर
झाँसी, उत्तर प्रदेश। राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के अवसर पर झाँसी में देशभक्ति, सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का भव्य दृश्य देखने को मिला। शहर और ग्रामीण अंचल के चार प्रमुख संस्थानों में डॉ. संदीप सरावगी द्वारा ध्वजारोहण किया गया। इस दौरान राष्ट्रगान, देशभक्ति नारों और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा। उपस्थित नागरिकों ने संविधान के आदर्शों पर चलने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की शुरुआत महारानी झाँसी एसोसिएशन ऑफ द डीफ, 229 बाहर खंडेराव गेट, नेहरू युवा के सामने स्थित परिसर में हुई। यहाँ डॉ. संदीप सरावगी ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर महासचिव आसिफ सहित संगठन के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दिव्यांगजनों के आत्मसम्मान, अधिकारों और उनके उज्ज्वल भविष्य को लेकर प्रेरणादायी संदेश दिया गया। इसके पश्चात बुंदेलखंड दिव्यांग जागरूक समिति, झाँसी के बड़ागांव गेट चौकी के सामने स्थित कार्यालय पर ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष हरीश कुशवाहा, उपाध्यक्ष दिनेश यादव, कार्यवाहक हरविंद शिवहरे, सचिव मुकेश सेन, उप सचिव नासिर मंसूरी, कोषाध्यक्ष मनोज पंचाल, मीडिया प्रभारी नरेंद्र प्रताप सिंह, सह मीडिया प्रभारी श्रीकांत सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने समान अधिकार, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रहित में सेवा के संकल्प को दोहराया। तीसरा कार्यक्रम बजाजा बाजार व्यापार सेवा समिति, झाँसी द्वारा आयोजित किया गया, जहाँ डॉ. संदीप सरावगी के साथ सदर विधायक रवि शर्मा ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश मिश्रा, बाबूलाल तिवारी, एमएलसी अतुल दुबे (बंटी) सहित रवीश त्रिपाठी, संजय रेजा, नीरज रेजा, सत्य प्रकाश गुप्ता, चंद्रप्रकाश (चंदू) जैन, महेश सरावगी, लखन अग्रवाल, सुभाष चौरसिया, अमरीश साहू, विनीता राम सिंह कुशवाहा, वीरेंद्र गुप्ता, गौरव सहगल, प्रदीप गुप्ता, सिद्धांत गुप्ता, संदीप नामदेव, सौरभ, सोमकांत निगम, सूरज वर्मा, रिया वर्मा, अंजलि विश्वकर्मा, हर्षित अरोड़ा सहित बड़ी संख्या में व्यापारीगण मौजूद रहे। व्यापारियों ने राष्ट्रीय एकता, स्वदेशी भावना और सामाजिक दायित्व के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। चौथे कार्यक्रम के रूप में सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल, कोछाभावर में ध्वजारोहण किया गया। विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों की सहभागिता से कार्यक्रम अत्यंत गरिमामय रहा। बच्चों ने देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम की भावना को जीवंत किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा दी गई। ध्वजारोहण के उपरांत अपने संबोधन में डॉ. संदीप सरावगी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज त्याग, बलिदान, अनुशासन और एकता का प्रतीक है। देश की प्रगति तभी संभव है, जब समाज का हर वर्ग—व्यापारी, युवा, शिक्षक, छात्र और दिव्यांगजन—समान भाव से राष्ट्र निर्माण में सहभागी बने। उन्होंने संविधान के मूल्यों को आत्मसात करते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और एक मजबूत, आत्मनिर्भर तथा विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रमों के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में राष्ट्रभक्ति के नारों के साथ देश की एकता, अखंडता और संविधान के प्रति निष्ठा बनाए रखने का संकल्प दोहराया।




