व्यंग्य: विष कन्याओं का चक्रव्यूह
सुधाकर आशावादीआदमी या तो बडबोलेपन में मारा जाता है या किसी विषकन्या पर विश्वास करके। विषकन्या की जहरीली आँखों के
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