
मुंबई। केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने मंगलवार को आगामी मुंबई नगर निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना के बीच हुए सीट बंटवारे के समझौते पर तीखी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस समझौते से अपनी पार्टी को बाहर रखे जाने को “विश्वासघात” करार दिया। सत्तारूढ़ सहयोगी भाजपा और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने सोमवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में क्रमशः 137 और 90 सीटों पर चुनाव लड़ने पर आपसी सहमति जताई थी। इस फैसले से आहत आठवले ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि महायुति के गठन के बाद से आरपीआई (आठवले) पूरी निष्ठा और मजबूती के साथ गठबंधन के साथ खड़ी रही है, लेकिन सीट बंटवारे को लेकर जो हुआ है, वह सीधे तौर पर विश्वासघात है। उन्होंने दावा किया कि सोमवार शाम चार बजे इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बैठक तय थी, लेकिन गठबंधन सहयोगियों ने अपनी प्रतिबद्धता नहीं निभाई। आठवले ने कहा, “यह केवल समय की बर्बादी नहीं है, बल्कि हमारे स्वाभिमान पर सीधा हमला है।” उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि मुंबई निकाय चुनाव नजदीक हैं और वह अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता जो भी निर्णय लेंगे, उन्हें उनका पूरा समर्थन रहेगा। इसी बीच, आरपीआई (ए) के सूत्रों ने बताया कि पार्टी 50 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करेगी। पार्टी के एक वरिष्ठ सूत्र के अनुसार, नामांकन वापस लेने की अभी भी गुंजाइश है और यदि सम्मानजनक चर्चा होती है तो नामांकन वापस लेने या सौहार्दपूर्ण ढंग से चुनाव लड़ने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, फिलहाल पार्टी 50 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उधर, जहां भाजपा और शिवसेना ने बीएमसी चुनाव के लिए सीट बंटवारे की घोषणा कर दी है, वहीं महायुति का एक अन्य घटक दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) भी यह चुनाव अलग से लड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के लिए मतदान 15 जनवरी को होना है और इनके लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि मंगलवार थी।



