
मुंबई। गैंगस्टर से नेता बने अरुण गवली की बेटियां गीता गवली और योगिता गवली-वाघमारे ने शुक्रवार को भायखला क्षेत्र से आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए। पूर्व पार्षद गीता गवली ने अखिल भारतीय सेना के टिकट पर वार्ड नंबर 212 से पर्चा भरा, जबकि उनकी छोटी बहन योगिता गवली-वाघमारे ने वार्ड नंबर 207 से पहली बार चुनावी मैदान में उतरते हुए नामांकन किया। इनके नामांकन के साथ ही नामांकन प्रक्रिया के पहले तीन दिनों में कुल उम्मीदवारों की संख्या नौ तक पहुंच गई है। गीता गवली इससे पहले 2017 के बीएमसी चुनाव में वार्ड 212 से जीत हासिल कर चुकी हैं और उनकी वापसी को भायखला इलाके में गवली परिवार के राजनीतिक प्रभाव को दोबारा मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जहां कभी अरुण गवली का खासा दबदबा रहा है। योगिता गवली-वाघमारे का चुनावी पदार्पण परिवार की अगली पीढ़ी के सक्रिय राजनीति में प्रवेश का संकेत माना जा रहा है। गवली परिवार का मध्य मुंबई में एक लंबा और जटिल राजनीतिक इतिहास रहा है—उनकी चाची वंदना गवली ने 2012 में वार्ड 207 से जीत दर्ज की थी, हालांकि 2017 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और बाद में वे इस वर्ष की शुरुआत में शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हो गईं, जिससे परिवार की राजनीतिक विरासत में नया मोड़ आया। बीएमसी चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया 23 दिसंबर से शुरू हुई है और राज्य चुनाव आयोग के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर 2025 है। राजनीतिक दलों द्वारा अभी तक कई सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा नहीं किए जाने के कारण अंतिम दिनों में नामांकन की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। गवली बहनों के मैदान में उतरने से भायखला का मुकाबला और रोचक हो गया है, जहां 15 जनवरी 2026 को मतदान और 16 जनवरी 2026 को मतगणना होगी।




