
बीएमसी एच/पूर्व विभाग में नियमों की अनदेखी से बढ़ रहा प्रदूषण
मुंबई। मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) प्रशासन की ओर से नियंत्रण और बचाव के उपाय लागू किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को बीएमसी अतिरिक्त आयुक्त (ईस्टर्न सबर्ब्स) डॉ. अविनाश ढाकणे ने के/पूर्व और एच/पूर्व विभाग के अंतर्गत आने वाले इलाकों में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल उपायों का निरीक्षण किया।
निजी और सरकारी निर्माण परियोजनाओं की हुई जांच निरीक्षण के दौरान प्राइवेट कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स, बीएमसी द्वारा किए जा रहे विभिन्न विकास कार्य, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) के प्रोजेक्ट्स और एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकार क्षेत्र में चल रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों से यह भी जानकारी ली गई कि धूल नियंत्रण, पानी का छिड़काव और अन्य पर्यावरणीय नियमों का किस हद तक पालन हो रहा है।
एच/पूर्व विभाग में बुलेट ट्रेन और अन्य परियोजनाओं का निरीक्षण
एच/पूर्व विभाग में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट साइट, हाई कोर्ट और सरकारी कॉलोनी प्रोजेक्ट, पानबाई स्कूल परिसर और आसपास की सड़कें, साथ ही खेरवाड़ी जंक्शन पर सर्विस रोड का निरीक्षण किया गया। इस दौरान असिस्टेंट कमिश्नर श्री नितिन शुक्ला, सहायक आयुक्त श्रीमती मृदुला अंडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बीएमसी एच/पूर्व विभाग में नियमों की अनदेखी से बढ़ रहा प्रदूषण
हालांकि निरीक्षण के बावजूद एच/पूर्व विभाग में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि सहायक आयुक्त मृदुला अंडे के विभाग में कई निर्माण कार्यों के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। बांद्रा पूर्व, वार्ड क्रमांक ९५में सर्विस रोड गोसिया मस्जिद से लगे डीएलएच प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य से इलाके में वायु प्रदूषण बढ़ा है और फुटपाथ भी पूरी तरह खस्ताहाल हो चुका है। ऐसे कई निर्माण कार्य चल रहे हैं, जहां धूल नियंत्रण, कवरिंग और साफ-सफाई के नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। इससे न केवल स्थानीय नागरिकों को परेशानी हो रही है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।
सख्ती के निर्देश, नागरिकों के स्वास्थ्य पर ज़ोर
डॉ. अविनाश ढाकणे ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एयर पॉल्यूशन रोकने के उपायों को सख्ती से लागू किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की कीमत पर नहीं।




