
मुंबई। बारामती के पास उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े दुखद विमान हादसे को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस हादसे को महज़ एक दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे एक संभावित सुनियोजित साजिश करार दिया है। रोहित पवार ने पायलट कपूर, वीएसआर विमान कंपनी और एयरो कंपनी पर गंभीर संदेह जताते हुए कहा कि हादसे से जुड़े कई तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि एयरो कंपनी ने वीएसआर का विमान किराए पर लिया था और इस पूरे ऑपरेशन में इन कंपनियों की भूमिका संदिग्ध है। रोहित पवार ने दावा किया कि एयरो कंपनी के हैंडलर ने खुद कहा था कि हादसे के समय मौसम और दृश्यता (विजिबिलिटी) पूरी तरह साफ थी, ऐसे में यह सवाल उठता है कि अगर मौसम अनुकूल था तो फिर यह विमान हादसा कैसे हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अहम तथ्यों को जानबूझकर दबाया जा रहा है और जांच की रफ्तार बेहद धीमी है। रोहित पवार ने यह भी खुलासा किया कि अब तक जांच एजेंसियों ने केवल बारामती एयरस्ट्रिप या इलाके के सीसीटीवी फुटेज को ही देखा है, जबकि मुंबई एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज को अभी तक जांच में शामिल नहीं किया गया है, जो इस मामले को और ज्यादा संदिग्ध बनाता है।सीआईडी जांच पर सवाल उठाते हुए रोहित पवार ने कहा कि उन्हें एजेंसियों पर व्यक्तिगत अविश्वास नहीं है, लेकिन विमान हादसे जैसे तकनीकी मामलों में सामान्य जांच एजेंसियों के बजाय एविएशन सेक्टर के विशेषज्ञों की जरूरत होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे दिल की बीमारी में हृदय रोग विशेषज्ञ के पास जाना होता है, वैसे ही विमान हादसों की जांच के लिए विशेष एविएशन एक्सपर्ट्स की भूमिका बेहद जरूरी है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि इस मामले में तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल नहीं किया गया तो सच्चाई सामने आने में बाधा आ सकती है। रोहित पवार ने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने पहले भी अजित पवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि अजित पवार इतने सतर्क थे कि उन्होंने प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीना तक बंद कर दिया था और केवल कांच की बोतलों का उपयोग करते थे, क्योंकि उन्हें ब्लैकमेल, साजिश या ज़हर दिए जाने जैसी आशंकाएं थीं। रोहित पवार के अनुसार, मौजूदा घटनाक्रम उन आशंकाओं को और मजबूत करता है और यह संकेत देता है कि यह हादसा सामान्य दुर्घटना से कहीं अधिक गंभीर साजिश का हिस्सा हो सकता है। सरकार से अपनी प्रमुख मांगों को रखते हुए रोहित पवार ने कहा कि विमान के ब्लैक बॉक्स की रिकॉर्डिंग परिवार के किसी एक सदस्य और एक स्वतंत्र एविएशन विशेषज्ञ की मौजूदगी में सार्वजनिक रूप से सुनी जानी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की हेराफेरी की आशंका खत्म हो सके। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि वीएसआरकंपनी की सभी सेवाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, क्योंकि यदि यह कंपनी संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाई जाती है, तो यह अन्य वीआईपी नेताओं की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकती है। रोहित पवार ने चेतावनी दी कि यदि इस हाई-प्रोफाइल हादसे की निष्पक्ष, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम जांच नहीं हुई, तो इससे न केवल राजनीतिक अविश्वास बढ़ेगा, बल्कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होंगे।



