
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशिष शेलार ने 09 फरवरी 2026 को 25वें भारत रंग महोत्सव 2026 के मुंबई अध्याय का उद्घाटन किया। यह महोत्सव भारत सरकार के सांस्कृतिक मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन रवींद्र नाट्य मंदिर, डॉ पी एल देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी, प्रभादेवी, मुंबई में किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय ने भारतीय कला और संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए एनएसडी के पूर्व निदेशक पद्मश्री पुरस्कार विजेता प्रोफेसर राम गोपाल बजाज और प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक व छायाकार पद्मश्री पुरस्कार विजेता गोविंद निहलानी को सम्मानित किया। भारत रंग महोत्सव 2026 के मुंबई अध्याय के तहत पांच दिवसीय नाट्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भारतीय और विदेशी भाषाओं के कुल छह नाटकों का मंचन किया जाएगा। इस महोत्सव का आयोजन सांस्कृतिक कार्य विभाग और डॉ पी एल देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी के सहयोग से किया जा रहा है। महोत्सव में बड़ी संख्या में रंगकर्मी और मुंबई के नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रसिद्ध वरिष्ठ अभिनेत्री और एनएसडी की पूर्व छात्रा सुश्री रोहिणी हट्टंगडी, प्रसिद्ध अभिनेत्री और एनएसडी की पूर्व छात्रा सुश्री मीता वशिष्ठ जो बीआरएम 2026 की महोत्सव राजदूत हैं, पी एल देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी की संचालिका सुश्री मीनल जोगळेकर तथा सांस्कृतिक कार्य विभाग के सहसंचालक श्रीराम पांडे भी उपस्थित थे। पारंपरिक पंच वाद्य के साथ माननीय मंत्री का स्वागत कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। इसके बाद राष्ट्रगान और महाराष्ट्र राज्य गीत का सादरीकरण किया गया तथा पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ भारत रंग महोत्सव गीत भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में मंत्री और अन्य अतिथियों का सत्कार किया गया, जिसके बाद भारत रंग महोत्सव पर आधारित विशेष फिल्म का प्रदर्शन हुआ। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने औपचारिक भाषण दिया। सभा को संबोधित करते हुए सांस्कृतिक कार्य मंत्री श्री आशिष शेलार ने कहा कि महाराष्ट्र भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत का गर्वपूर्ण संरक्षक है और भारत रंग महोत्सव 2026 का आयोजन इस विरासत को और सशक्त करता है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव देश के कोने कोने से असाधारण प्रतिभाओं को एक मंच पर लाता है और रचनात्मकता, अनुशासन तथा सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि सरकार कलाकारों को सहयोग देने और उन्हें निर्भीक होकर सृजन करने का वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्घाटन समारोह का समापन आशिष शेलार के अध्यक्षीय भाषण और एनएसडी के रजिस्ट्रार श्री प्रदीप के मोहंती के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। संध्या का मुख्य आकर्षण चित्तरंजन त्रिपाठी द्वारा निर्देशित नाटक तमस का मंचन रहा। भीष्म साहनी की प्रसिद्ध कृति पर आधारित इस नाटक का नाट्य रूपांतरण आसिफ अली हैदर द्वारा किया गया है। इस प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। नाटक के बारे में जानकारी देते हुए चित्तरंजन त्रिपाठी ने कहा कि तमस 1947 के विभाजन से उत्पन्न गहरे घावों की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि यह नाटक नायक और खलनायक की कहानी नहीं बल्कि फूट डालो और राज करो की नीति तथा राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के कारण हुए सांस्कृतिक पतन की कठोर समीक्षा है। यह प्रस्तुति इतिहास की पुनरावृत्ति से बचने के लिए सत्य और एकता के महत्व को रेखांकित करती है। आगामी दिनों में भारत रंग महोत्सव 2026 के मुंबई अध्याय में बाबूजी, ब्रेस्ट ऑफ लक, चोरों का कार्निवल और लाइफ इज अ ड्रीम जैसे नाटकों का मंचन किया जाएगा। बाबूजी नाटक 10 फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा, जिसका निर्देशन नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के रेपर्टरी प्रमुख श्री राजेश सिंह द्वारा किया गया है।




