
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का युग समाज में साक्षरता, समानता और अवसरों की नई दिशा तय कर सकता है। उन्होंने कहा कि तकनीक, डिजिटलीकरण और एआई की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती, यह अमीर-गरीब, जाति-भाषा का भेदभाव नहीं करती, इसलिए यह हर भारतीय के विचारों को आकार देने की क्षमता रखती है। मुख्यमंत्री फडणवीस शनिवार को बांद्रा स्थित महबूब स्टूडियो में एचपी और इंटेल द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘एचपी ड्रीम अनलॉक्ड’ उत्सव के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। कार्यक्रम में एचपी इंडिया की प्रबंध निदेशक इप्सिता दासगुप्ता, मुख्यमंत्री के सलाहकार कौस्तुभ धावसे, मार्केटिंग प्रमुख आकाश भाटिया, कानूनी एवं सरकारी मामलों के विभाग प्रमुख राजू नायर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने अब एआई को अपनाने की नीति शुरू कर दी है। यह तकनीक सभी के लिए खुली है, जिससे हर नागरिक अपने विचारों को साकार कर सकता है। उन्होंने बताया कि सरकार ने हिमाचल प्रदेश के साथ मिलकर एक डिजिटल मीडिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की है और अब नई तकनीकों, विशेषकर एआई, को आम जनता तक पहुँचाने के लिए साझेदारी ढांचा तैयार किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में एआई के उपयोग का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुणे में आयोजित ‘एग्री-हैकाथॉन’ में युवाओं द्वारा बनाया गया एआई मॉडल हवा में मौजूद तत्वों का विश्लेषण करता है और फसलों पर कीटों के आक्रमण की पहले से चेतावनी देता है। यह मॉडल किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी तकनीकें किसानों को नुकसान से बचाने, लागत घटाने और लाभ बढ़ाने में मददगार होंगी। फडणवीस ने कहा कि एआई, ब्लॉकचेन और डिजिटलीकरण ने उद्योग से लेकर शासन प्रणाली तक पारदर्शिता और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इन तकनीकों ने सरकार की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाया है। इस कार्यक्रम में देशभर से लगभग 40 हज़ार युवाओं ने भाग लिया, जिनमें से 40 सर्वश्रेष्ठ अभिनव पहलों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन 40 नवाचारों के साथ साझेदारी करने के लिए तैयार है ताकि उनके माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि इन पहलों से न केवल समाज में समानता और सशक्तिकरण बढ़ेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।




