Tuesday, January 13, 2026
Google search engine
HomeMaharashtraदिव्यांग विशेष विद्यालयों व कार्यशालाओं के अतिरिक्त शिक्षकों-कर्मचारियों के समायोजन हेतु एकीकृत...

दिव्यांग विशेष विद्यालयों व कार्यशालाओं के अतिरिक्त शिक्षकों-कर्मचारियों के समायोजन हेतु एकीकृत कार्यप्रणाली तय

मुंबई। राज्य में दिव्यांगों के लिए संचालित विशेष विद्यालयों एवं कार्यशालाओं के पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द होने, नवीनीकरण न होने अथवा पट निर्धारण के बाद छात्र संख्या घटने से अतिरिक्त ठहरने वाले शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के समायोजन के लिए समग्र और एकीकृत कार्यप्रणाली निर्धारित की गई है। यह जानकारी दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव तुकाराम मुंढे ने दी। सचिव मुंढे ने बताया कि इससे पहले विभिन्न शासन निर्णय, परिपत्र और विद्यालय संहिता की व्यवस्थाएं बिखरी हुई होने के कारण समायोजन प्रक्रिया में विलंब होता था, जिससे न्यायालयीन प्रकरणों की संख्या बढ़ रही थी। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए आयुक्त, दिव्यांग कल्याण के नियंत्रण में कार्यरत अतिरिक्त संवर्ग कक्ष के माध्यम से समायोजन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया है। दिव्यांग विद्यार्थियों की शिक्षा में किसी भी प्रकार का व्यवधान न हो, इसके लिए कालबद्ध समायोजन कार्यप्रणाली तय की गई है। इससे समायोजन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और शैक्षणिक निरंतरता सुनिश्चित होगी, ऐसा सचिव मुंढे ने स्पष्ट किया। यदि शासन मान्यता प्राप्त निजी अनुदानित विशेष विद्यालय या कार्यशाला की मान्यता रद्द होने के पश्चात अपील पर स्थगन नहीं है, तो आयुक्त, दिव्यांग कल्याण संबंधित उपक्रम को तत्काल बंद करेंगे। ऐसी स्थिति में अतिरिक्त ठहरे शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों का स्थायी समायोजन होने तक उन्हें समान प्रकार के उपक्रमों में अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए समीपवर्ती विद्यालयों की क्षमता अस्थायी रूप से बढ़ाई जाएगी। विद्यालय संहिता के अनुसार पट निर्धारण प्रक्रिया प्रत्येक वर्ष 15 अक्टूबर तक पूर्ण करना अनिवार्य है। पट निर्धारण के बाद अतिरिक्त ठहरे कर्मचारियों की सूची नवंबर के प्रथम सप्ताह में तथा उसके बाद प्रत्येक माह वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी। अतिरिक्त कर्मचारियों का समायोजन एक माह के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। सचिव मुंढे ने बताया कि समायोजन प्राथमिकता से संबंधित जिले में, अन्यथा पड़ोसी या अन्य जिलों में किया जाएगा। आवश्यक शैक्षणिक अर्हता रखने वाले कर्मचारियों को समान वेतन श्रेणी के समकक्ष पद पर नियुक्ति दी जाएगी तथा दिव्यांग कर्मचारियों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। आदेश के पश्चात निर्धारित समय-सीमा में कार्यभार ग्रहण न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त कर्मचारी उपलब्ध रहते हुए नई भर्ती को अनुमति नहीं दी जाएगी। समायोजन से इंकार करने अथवा परस्पर भर्ती करने वाली संस्थाओं पर दिव्यांग व्यक्ति अधिकार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। दिव्यांग कल्याण विभाग के नियंत्रणाधीन विशेष विद्यालयों एवं कार्यशालाओं में अतिरिक्त कर्मचारियों के समयबद्ध समायोजन की पूर्ण जिम्मेदारी जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मुंबई शहर व मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी तथा आयुक्त, दिव्यांग कल्याण, पुणे की होगी। इस संबंध में शासन निर्णय दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा जारी किया गया है, जो महाराष्ट्र शासन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments