
अहमदाबाद। अहमदाबाद दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को अहमदाबाद नगर निगम के लगभग 330 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। इस दौरान शहर के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी इलाकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण वेस्टर्न ट्रंक मेन लाइन प्रोजेक्ट का भी शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मौके पर अमित शाह ने कांग्रेस द्वारा एसआईआर (SIR) मुद्दे को उठाए जाने पर तीखा तंज कसते हुए राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि जनता का प्रतिनिधि अपने काम और जिम्मेदारियों के लिए जवाबदेह होता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात ही नहीं, बल्कि पूरे देश में काम करने की एक मजबूत राजनीतिक संस्कृति विकसित की है। इसी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को जनसेवा और विकास समझने की बजाय एसआईआर समझने में रुचि है, जबकि यह उनका काम नहीं है। राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए अमित शाह ने कहा, “राहुल बाबा, अभी हार से थको मत। आप बंगाल और तमिलनाडु में भी हारने वाले हैं, यह पक्का मान लीजिए। 2029 में भी मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। इसके बाद नवी वंजार गांव के पुनर्वासित नागरिकों को प्रमाण पत्र वितरित करने के कार्यक्रम में शामिल होते हुए अमित शाह ने कहा कि 1973 की साबरमती बाढ़ में सब कुछ गंवा चुके लोगों को आज 50 साल बाद अपने प्लॉट का मालिकाना हक मिला है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद जैसे बड़े शहर में 173 लाभार्थियों की संख्या भले ही कम लगे, लेकिन इन परिवारों के लिए यह क्षण ऐतिहासिक और भावनात्मक है। पांच दशकों से लंबित समस्या का समाधान आखिरकार हुआ है। विकास कार्यों की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिम अहमदाबाद के लगभग 15 लाख नागरिकों के लिए पहले कोई प्रभावी सीवेज डिस्पोजल सिस्टम नहीं था। वर्ष 2000 से 2005 के बीच शेला से चांदखेड़ा तक तेजी से शहरीकरण हुआ, लेकिन एक समग्र ड्रेनेज सिस्टम के लिए बड़े बजट और लंबे समय की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि सांसद रहते हुए कई जगह सीवरेज ओवरफ्लो देखकर उन्हें व्यक्तिगत रूप से पीड़ा होती थी। अमित शाह ने कहा कि पुरानी और लंबित मांगों को संवेदनशीलता के साथ पूरा करने के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्थापित ‘संवेदनशील विकास की राजनीति’ है। उन्होंने कहा कि लोग मांग करें या न करें, प्रधानमंत्री ने गुजरात से लेकर पूरे देश में समस्याओं को पहचानकर उनका समाधान करने की एक कार्यसंस्कृति विकसित की है, और यही आज के विकास कार्यों की असली वजह है।



