
मुंबई। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में महापौर पद के लिए प्रस्तावित चुनाव फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। भाजपा और शिवसेना के बीच गठबंधन (संयुक्त समूह) के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण प्रशासन को यह फैसला लेना पड़ा है। चुनाव टलने से मनपा की राजनीतिक गतिविधियों में अस्थायी ठहराव आ गया है और सत्ता समीकरणों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। महापौर पद के लिए आरक्षण की घोषणा के बाद बीएमसी प्रशासन ने 31 जनवरी को मतदान कराने का कार्यक्रम तय किया था। इसके तहत 27 जनवरी को नामांकन पत्र दाखिल किए जाने थे और चुनाव से संबंधित विज्ञापन जारी करने की भी तैयारी पूरी कर ली गई थी। हालांकि, अंतिम समय में तकनीकी और राजनीतिक कारणों से यह कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।
बीएमसी प्रशासन के अनुसार, भाजपा और शिवसेना का संयुक्त समूह पंजीकरण अब तक पूरा नहीं हो सका है। नियमों के मुताबिक, किसी भी गठबंधन या समूह का औपचारिक पंजीकरण हुए बिना महापौर चुनाव कराना संभव नहीं होता। इसी वजह से प्रशासन को चुनाव प्रक्रिया रोकनी पड़ी। दरअसल, भाजपा और शिवसेना के बीच यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों दल संयुक्त समूह बनाकर चुनाव लड़ेंगे या अलग-अलग। भाजपा ने महापौर पद पर अपना दावा ठोक दिया है, जबकि शिवसेना महापौर या स्थायी समिति अध्यक्ष पद पर अपना अधिकार जता रही है। दोनों दलों के बीच चल रही आंतरिक बातचीत और पदों के बंटवारे को लेकर मतभेद अब तक सुलझ नहीं पाए हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जब तक गठबंधन को लेकर अंतिम सहमति नहीं बनती, तब तक समूह पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होना मुश्किल है। यही वजह है कि बीएमसी में महापौर चुनाव को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही समूह पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होगी, नया चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अब यह संभावना जताई जा रही है कि मुंबई को नया महापौर फरवरी में मिल सकता है। तब तक बीएमसी की राजनीतिक सरगर्मी गठबंधन के फैसले पर टिकी रहेगी।




