
कानपुर। कानपुर में आनंद महिंद्रा समेत 13 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है। आरोप है कि स्कॉर्पियो का एयरबैग नहीं खुलने की वजह से युवक की हादसे में मौत हो गई थी। पीड़ित ने बताया कि थाने और चौकी में कंपनी की इस लापरवाही को लेकर सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट की मदद से रायपुरवा थाने में एफआईआर दर्ज कराई। राजेश मिश्रा ने अपने बेटे अपूर्व को उपहार के रूप में 2020 में 17.39 लाख रुपये में काली स्कॉर्पियो खरीदी। 14 जनवरी 2022 को दोस्तों के साथ लखनऊ से कानपुर लौटते समय कोहरे के कारण अपूर्व की कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद, राजेश ने उस ऑटो स्टोर से संपर्क किया, जहां से उन्होंने 29 जनवरी को कार खरीदी थी और कार में कथित खामियों को उजागर किया। एफआईआर में शिकायतकर्ता ने कहा कि दुर्घटना के दौरान सीट बेल्ट बंधा होने के बावजूद एयरबैग खुल नहीं पाया। राजेश मिश्रा ने अपनी शिकायत में कहा कि कंपनी ने झूठा आश्वासन देकर उनके साथ धोखाधड़ी की है। राजेश ने कंपनी पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर गाड़ी की गहनता से जांच की गई होती तो उनके बेटे की मौत नहीं होती। मामला तब बिगड़ गया जब कंपनी के कर्मचारियों की राजेश से बहस हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि निदेशकों के निर्देशों के तहत प्रबंधकों ने उनके और उनके परिवार के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
रायपुरवा थाने में महिंद्रा कंपनी के मालिक आनंद गोपाल महिंद्रा, तिरुपति आटो के मैनेजर, मुंबई स्थित महिंद्रा कंपनी के निदेशक चंद्र प्रकाश गुरनानी, विक्रम सिंह मेहता, राजेश गणेश जेजुरिकर, अनीश दिलीप शाह, थोथला नारायणनासामी, हैग्रेव खेतान, मुथैया मुरगप्पन मुथैया, विशाखा नीरुभाई देसाई, निसबाह गोदरेज, सिखासंजय शर्मा और विजय कुमार शर्मा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, धोखाधड़ी, जान से मारने की धमकी देना और साजिश रचने समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया गया है।
