Tuesday, January 13, 2026
Google search engine
HomeMaharashtraनगर निगम चुनाव से पहले एकनाथ शिंदे का बड़ा बयान: महायुति साथ...

नगर निगम चुनाव से पहले एकनाथ शिंदे का बड़ा बयान: महायुति साथ लड़ेगी, साथ जीतेगी—अटकलों को किया खारिज

ठाणे। महाराष्ट्र में होने वाले आगामी नगर निगम चुनावों से पहले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महायुति गठबंधन को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ किया है कि ये चुनाव महायुति के तहत मिलकर ही लड़े जाएंगे। डोंबिवली में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि गठबंधन का चुनावी फॉर्मूला लगभग अंतिम चरण में है और इसे लेकर भ्रम फैलाने वाले बयानों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस** के नेतृत्व में महायुति नेतृत्व इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है और उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के साथ सीट बंटवारे को लेकर कई दौर की चर्चा की है। शिंदे ने कहा, “सीटों का बंटवारा हो सकता है, लेकिन हम सब साथ लड़ेंगे और साथ जीतेंगे। हमारा फोकस मुंबई और कल्याण–डोंबिवली में वास्तविक और सार्थक बदलाव लाने पर है। इसके बाद कल्याण में लगातार रैलियों को संबोधित करते हुए शिंदे ने विपक्षी महाविकास आघाड़ी (एमवीए) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में हुए नागरिक निकाय चुनावों के दौरान विपक्षी दलों ने अपने ज़मीनी कार्यकर्ताओं को अकेला छोड़ दिया, जबकि महायुति के नेता हर स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा- हम अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़े रहे, इसलिए हम जीते। शिवसेना का कार्यकर्ता कभी अकेला नहीं छोड़ा जाता। शिंदे ने ठाकरे भाइयों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे मराठी पहचान और मुंबई के नाम का इस्तेमाल सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा, “मुंबई कोई सोने की मुर्गी नहीं है। यह देश की आर्थिक राजधानी और महाराष्ट्र का गौरव है। जनता समझती है कि सत्ता के लिए कौन साथ आता है। मुंबई, कल्याण और डोंबिवली में भगवा झंडा लहराता रहेगा। शिवसेना की वैचारिक दिशा को दोहराते हुए शिंदे ने कहा कि मराठी गौरव, हिंदुत्व और विकास—तीनों एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। उन्होंने कहा- डोंबिवली सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि संस्कृति, विचारधारा और हिंदुत्व का प्रतीक है। शिवसेना सत्ता के लिए कभी हिंदुत्व से समझौता नहीं करेगी। उन्होंने महायुति सरकार की विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए मेट्रो विस्तार, रिंग रोड परियोजनाएं, डबल-डेकर फ्लाईओवर, सीमेंट कंक्रीट सड़कें और सावलाराम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय स्तर के वर्टिकल स्पोर्ट्स स्टेडियम की जानकारी दी, जो अगले 18 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा 200 बिस्तरों वाले कैंसर अस्पताल, शास्त्रीनगर अस्पताल के पुनर्विकास और क्लस्टर पुनर्विकास योजनाओं के जरिए पात्र नागरिकों को स्थायी आवास देने की योजनाओं का भी ज़िक्र किया। रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि कल्याण–डोंबिवली ने लगातार महायुति का समर्थन किया है और इस क्षेत्र में गठबंधन पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने अंदरूनी मतभेदों की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कुछ लोग भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन डोंबिवली महायुति का गढ़ है और हिंदुत्व में अडिग विश्वास रखता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने और न ही एकनाथ शिंदे ने कभी गठबंधन तोड़ने की बात कही है। श्रीकांत शिंदे ने कहा, “हम शुरू से कहते आए हैं कि कल्याण–डोंबिवली में महापौर महायुति का ही होगा। हमारे सांसद, विधायक और पार्षद एकजुट हैं। ठाकरे भाइयों पर हमला तेज करते हुए उन्होंने मराठी हितों की रक्षा के उनके दावों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में महंगे घरों के कारण कई मराठी परिवारों को मुंबई छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि हजारों लोग वर्षों तक ट्रांजिट कैंपों में रहे, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में मराठी परिवारों को घर देने का काम हुआ। रैलियों का समापन नगर निगम चुनावों से पहले शिवसेना और महायुति को और मज़बूत करने के आह्वान के साथ हुआ, जहां नेताओं ने विश्वास जताया कि गठबंधन कल्याण–डोंबिवली में अपना गढ़ बरकरार रखेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments