
नवी मुंबई। नवी मुंबई के दीघा इलाके में खुले नालों में अवैध रूप से रसायन डालने के मामले में अधिकारियों ने दो टैंकर ज़ब्त किए हैं। यह कार्रवाई दीघा-ऐरोली के निवासियों और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की शिकायतों के बाद मंगलवार तड़के करीब 1:30 बजे नवी मुंबई नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस के संयुक्त अभियान में की गई। एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र में कई रसायन-आधारित कारखाने हैं, जहाँ कचरे का उचित उपचार किया जाना अनिवार्य है, लेकिन अक्सर इस नियम की अनदेखी की जाती है, जिससे गंभीर वायु प्रदूषण और बदबू फैलती है। हाल के हफ़्तों में ऐरोली के ग्रीन वर्ल्ड सीएचएस, नेवा भक्ति पार्क और न्यू गार्डन सीएचएस के निवासियों ने गले व आंखों में जलन और सिरदर्द जैसी समस्याओं की शिकायत की थी, जिसका असर विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ा। दो हफ़्तों की लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने पर, देर रात गश्त के दौरान अधिकारियों ने मुकुंद कंपनी के पास लगभग 12,000 लीटर रासायनिक कचरा डालते हुए दो टैंकर पकड़े। अधिकारियों को देखते ही चालक वाहन छोड़कर फरार हो गए। स्थानीय निवासियों और मनसे के उप-नगराध्यक्ष नीलेश बंखिले ने इस कार्रवाई में भाग लिया। रबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में टैंकर संचालकों और संपत्ति मालिकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। बंखिले ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नियमित और सक्रिय हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि निरीक्षण रिपोर्ट के बाद उत्सर्जित पदार्थों की सटीक रासायनिक संरचना सामने आ जाएगी। निवासियों को अब उम्मीद है कि बदबू खत्म करने और स्वच्छ हवा के अधिकार की रक्षा के लिए यह प्रयास जारी रहेंगे।




