
जयपुर, राजस्थान। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को जयपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के 61वें प्रांत अधिवेशन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद में जो राष्ट्रनिर्माण की भावना जन्म लेती है, वही आगे चलकर धरातल पर साकार होती है। उन्होंने कहा कि परिषद से निकले अनेक कार्यकर्ता आज देश के उच्च पदों पर स्थापित हैं और संगठन में अनुशासन व कर्तव्यपरायणता के जो संस्कार मिलते हैं, वही एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र की नींव बनते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अधिवेशन में 23 जिलों से 700 से अधिक कर्मयोगी विद्यार्थी शामिल हुए हैं, जबकि एक हजार से अधिक शिक्षाविद् और विद्यार्थी आयोजन का हिस्सा बने हैं। उन्होंने एबीवीपी को देश को नई दिशा देने वाले अनेक आंदोलनों की सूत्रधार बताते हुए कहा कि पिछले सात दशकों से परिषद भारतीयता, राष्ट्रभक्ति, अखंडता और गरिमा के संरक्षण में अतुलनीय योगदान दे रही है। 1970 में बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ आंदोलन और विश्वविद्यालयों में स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण के निर्माण जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने परिषद की भूमिका को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद आए व्यापक बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने घुसपैठ पर सख्त रुख, नई शिक्षा नीति के तहत मातृभाषाओं में शिक्षा, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, पेपर लीक पर कड़ी कार्रवाई, चार लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य, जल परियोजनाओं, बिजली व्यवस्था में सुधार और ‘राइजिंग राजस्थान’ जैसे निवेश आयोजनों का उल्लेख किया। शर्मा ने युवाओं से नौकरी लेने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का आह्वान किया और बताया कि राज्य में आई-स्टार्ट लॉन्चपैड, नए महाविद्यालयों की स्थापना और नए संकाय शुरू कर शिक्षा अवसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। कार्यक्रम में एबीवीपी के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री देवदत्त जोशी ने परिषद को युवाओं को सकारात्मक दिशा देने वाला वैचारिक आंदोलन बताया और सदस्य संख्या को एक करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा। आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम ने कहा कि छात्र शक्ति को केवल कैंपस तक सीमित न रखकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। अधिवेशन में एबीवीपी जयपुर प्रांत अध्यक्ष जिनेश जैन सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और पदाधिकारी उपस्थित रहे।




