
मुंबई। महाराष्ट्र में गुटखा और उससे जुड़े प्रतिबंधित पदार्थों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए एक स्वतंत्र कानून बनाया जाएगा। गुजरात में लागू शराबबंदी कानून की तर्ज पर इस विषय का अध्ययन कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने और कानून का मसौदा बनाने के निर्देश राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाळ ने दिए हैं। यह कानून आगामी बजट सत्र में पेश किए जाने की संभावना है। गुटखा और प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों पर कानून का सख्ती से पालन हो इस संबंध में मंत्री नरहरी झिरवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वैद्यकीय शिक्षा व औषधि विभाग के प्रधान सचिव धीरज कुमार, खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त श्रीधर दुबेपाटील, विधि व न्याय विभाग के सहसचिव महेंद्र जाधव, गृह विभाग के सहसचिव राहुल कुलकर्णी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सागर पाटील सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में अवैध गुटखा बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा गृह विभाग की संयुक्त टीम गठित करने और गुटखा कारोबार से जुड़े अपराधों पर ‘मकोका’ के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव रखा था। इसी पृष्ठभूमि में गुजरात मॉडल के आधार पर गुटखाबंदी के लिए अलग कानून तैयार कर उसे बजट सत्र में प्रस्तुत करने के निर्देश मंत्री झिरवाल ने दिए। मंत्री झिरवाल ने कहा कि राज्य में पहले से ही गुटखा और समान प्रतिबंधित पदार्थों के उत्पादन, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध है। अवैध कारोबार पर और अधिक कठोर कानूनी कार्रवाई के लिए गुटखा विक्रेताओं पर ‘मकोका’ लागू करने हेतु कानून में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे, ताकि गुटखा कारोबार से जुड़े अपराध भी मकोका के दायरे में आएं। उन्होंने बताया कि राज्यभर में गुटखा बिक्री और परिवहन के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है और कई जिलों में मामले दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही आम जनता में जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक अभियान भी चलाया जा रहा है। मंत्री झिरवाल ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को निर्देश दिए कि गुटखा और प्रतिबंधित पदार्थों पर मकोका लागू करने के लिए आवश्यक कानूनी प्रावधान सुझाने हेतु गृह विभाग और विधि व न्याय विभाग के साथ समन्वय कर शीघ्र कार्यवाही की जाए। विशेष रूप से स्कूलों और कॉलेजों के आसपास यदि ऐसे प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री पाई जाती है तो उस पर तुरंत और कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।




