
पालघर। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दूरदर्शी नेतृत्व में महाराष्ट्र के शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता और परिणामों पर नए सिरे से फोकस किया जा रहा है। इसी क्रम में पालघर जिला सिस्टमैटिक एजुकेशनल बदलाव का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है, जहां जिला परिवर्तन परियोजना (शिक्षा) ने कम समय में ही ठोस और मापने योग्य परिणाम दिए हैं।जिला परिवर्तन परियोजना से दिखने लगे सकारात्मक नतीजे
पालघर जिला परिवर्तन परियोजना तीन मुख्य स्तंभों—क्वालिटी टीचिंग, सशक्त शिक्षक और डेटा-आधारित योजना पर आधारित है। इस पहल का उद्देश्य आत्मविश्वासी शिक्षक, बेहतर संसाधनों से युक्त कक्षाएं और मजबूत शैक्षणिक नींव तैयार करना है। परियोजना मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन और लीडरशिप फॉर इक्विटी (एलएफ़ई) के सहयोग से, पालघर जिला परिषद और डीआईईटी पालघर के साथ मिलकर लागू की जा रही है।
संस्थागत समर्थन से मिली मजबूती
जिला परिषद और डीआईईटी के बीच हुए जिला-स्तरीय समझौता ज्ञापन ने कार्यक्रम को मजबूत आधार प्रदान किया है। इसका फोकस शैक्षणिक नेतृत्व को सशक्त करने, शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने, कक्षा शिक्षण पद्धतियों में सुधार और निर्णय प्रक्रिया में डेटा के वैज्ञानिक उपयोग पर है।
प्रशासनिक नेतृत्व की सक्रिय भूमिका
इस पहल को जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानाडे, प्राथमिक शिक्षा अधिकारी सोनाली माटेकर और DIET पालघर के शैक्षणिक विशेषज्ञों का निरंतर मार्गदर्शन मिला है।
फील्ड दौरों से मिली जमीनी समझ
दहानू, तलासरी, वाडा, वसई और पालघर तालुकों के 20 स्कूलों और सात प्रदर्शन कक्षाओं के फील्ड दौरों के माध्यम से शिक्षण की चुनौतियों, शिक्षकों की तैयारी और सुधार की संभावनाओं की पहचान की गई। इससे अधिक सटीक और प्रभावी शैक्षणिक योजना तैयार करने में मदद मिली।
तलासरी में मैथ्स सेतु कार्यक्रम बना बदलाव का आधार
तलासरी तालुका में शुरू किया गया मैथ्स सेतु कार्यक्रम इस बदलाव का प्रमुख उदाहरण बनकर उभरा है। 12 नवंबर 2025 को मंजूरी मिलने के बाद 28 नवंबर को 20 शिक्षकों के लिए पहला प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसने शिक्षकों में नया आत्मविश्वास पैदा किया।
छात्रों के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार
केवल एक शैक्षणिक सत्र में मैथ्स सेतु कार्यक्रम के तहत छात्रों के औसत अंकों में 29 प्रतिशत का सुधार दर्ज किया गया। प्री-टेस्ट में 38 प्रतिशत से बढ़कर पोस्ट-टेस्ट में 67 प्रतिशत प्रदर्शन दर्ज हुआ। नॉर्मलाइज़्ड लर्निंग गेन 0.48 रहा, जो मध्यम से उच्च स्तर के सीखने के लाभ को दर्शाता है।
शिक्षकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
प्रशिक्षण सत्रों को शिक्षकों ने उपयोगिता के लिए 4 में से 3.9 और भागीदारी के लिए 4 में से 4 की रेटिंग दी। संरचित प्रशिक्षण से वैचारिक स्पष्टता, शिक्षण में आत्मविश्वास और कक्षा में संवाद बेहतर हुआ।
उच्च संतुष्टि और आत्मविश्वास का स्तर
नेट प्रमोटर स्कोर 68.8 दर्ज किया गया, जबकि 63 प्रतिशत शिक्षकों ने अपनी शिक्षण प्रभावशीलता और आत्मविश्वास में स्पष्ट वृद्धि की बात कही। पोस्ट-टेस्ट प्रदर्शन में कुल 275 प्रतिशत का सुधार दर्ज किया गया, जो गहरी वैचारिक समझ और छात्रों के साथ बेहतर जुड़ाव को दर्शाता है।
जिले भर में क्षमता निर्माण की तैयारी
मैथ्स सेतु की सफलता ने यह साबित किया है कि संरचित प्रशिक्षण, डेटा-आधारित मूल्यांकन और सक्रिय भागीदारी से शिक्षा में तेजी से और स्थायी सुधार संभव है। दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए पालघर जिले में 1,600 मास्टर ट्रेनरों की पहचान की गई है। 20 नवंबर को 300 मास्टर ट्रेनरों के लिए जिला-स्तरीय शिक्षा सम्मेलन आयोजित किया गया, जबकि 24 और 25 नवंबर को विभिन्न केंद्रों पर अतिरिक्त प्रशिक्षण सत्र हुए।
निपुण भारत मिशन को मिला बल
ICDS, DIET और QUEST के सहयोग से आयोजित जिला समन्वय बैठकों ने प्रारंभिक बचपन की शिक्षा को मजबूत किया है। इससे बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान के क्षेत्र में निपुण भारत मिशन को गति मिली है। अगले चरण में जिला प्रशासन बेहतर कक्षा अवलोकन, निरंतर शिक्षक प्रशिक्षण, मजबूत प्री- और पोस्ट-मूल्यांकन प्रणाली, जिला डैशबोर्ड और उन्नत डेटा विश्लेषण के साथ मैथ्स सेतु कार्यक्रम के विस्तार की योजना पर काम कर रहा है।




