
झांसी में जलवायु परिवर्तन पर मंथन, कृषि नवाचार मॉडल पर जोर
देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश। झांसी में मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे की अध्यक्षता में “जलवायु परिवर्तन” विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयुक्त सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक में अमित मोहन प्रसाद (सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस, भारत सरकार) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक में जानकारी दी गई कि अमित मोहन प्रसाद वर्तमान में गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से पीपीजी मॉडल आधारित “फॉर्मर परियोजना” के प्रधान सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे हैं। इस योजना के तहत प्रत्येक विकास खंड में एक प्रगतिशील किसान का चयन कर मॉडल फार्म विकसित किया जाएगा, जिससे अन्य किसान प्रेरित होकर आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाएं। इस मॉडल में कृषि विभाग के साथ पशुपालन, उद्यान और वन विभाग का भी समन्वय रहेगा, जिससे जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा मिल सके। मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने सुझाव दिया कि इस मॉडल के विकास में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की तकनीकी सहायता ली जाए। साथ ही किसानों को खेत की मेड़ों पर क्षेत्रानुकूल फलदार पौधे लगाने, जैविक खेती को बढ़ावा देने और पशुओं के गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने जैसे उपाय अपनाने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने बताया कि जिले में वर्ल्ड बैंक के सहयोग से चल रहे इक्क्रीसेट प्रोजेक्ट (हवेली मॉडल) को भी इस जलवायु परिवर्तन मॉडल में शामिल किया जा सकता है। वहीं मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में फसलों के पैटर्न में बदलाव आया है, जिसे ध्यान में रखते हुए कम पानी में होने वाली फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसानों का जोखिम कम हो और लाभ सुनिश्चित हो सके। बैठक में तकनीकी सहयोग दे रहे प्रत्यूष रंजन ने जनपद बांदा के मॉडल को प्रस्तुत करते हुए विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे, जिन्होंने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया। यह बैठक झांसी में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने और किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




