
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। उन्नाव की सदर तहसील के गांव पवई मजरे शिव बकस खेड़ा के तीन नाबालिग बच्चे आकाशीय बिजली से हुई पारिवारिक त्रासदी के बाद पिछले दस माह से अनुग्रह राशि पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। मंगलवार को बच्चों की बुआ और चाचा ने जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी पीड़ा सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने परगना अधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार 4 जुलाई 2025 को गांव की निवासी ज्योति अपनी पांच बकरियों को चराने जंगल गई थीं। इसी दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई और साथ ही पांचों बकरियां भी मारी गईं। घटना के बाद परगना अधिकारी ने ज्योति के पति को चार लाख रुपये अनुग्रह राशि तथा बकरियों के लिए 16 हजार रुपये मुआवजा स्वीकृत किए जाने का प्रमाण पत्र दिया था, लेकिन कई महीनों तक मुआवजा राशि नहीं मिली। बताया जाता है कि पत्नी की मौत और आर्थिक तंगी से परेशान ज्योति के पति की भी करीब चार महीने बाद सदमे में मृत्यु हो गई। इसके बाद उनके तीन मासूम बच्चे सौरभ (9 वर्ष), अनुज (8 वर्ष) और मनीष (5 वर्ष) अनाथ हो गए। बच्चों की परवरिश उनकी बुआ शिव देवी किसी तरह कर रही हैं। परिवार के अनुसार मुआवजा राशि दिलाने के लिए उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान, परगना अधिकारी और क्षेत्रीय विधायक से भी गुहार लगाई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। अंततः परिवार जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पहुंचा, जहां बुआ और चाचा ने जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र कुशवाहा को अपनी आपबीती सुनाई। इसके बाद जिला अध्यक्ष ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ जिलाधिकारी से मिलकर मामले को संवेदनशील बताते हुए तत्काल निस्तारण की मांग की। मामले की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों के पालन-पोषण के लिए उन्हें प्रति माह 5000 रुपये की सहायता उनके वयस्क होने तक दी जाए तथा स्वीकृत चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि बच्चों की देखभाल कर रहे परिजनों को उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान जिलाधिकारी कार्यालय में जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हनुमत सिंह, महामंत्री अजय गौतम सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।




