मुंबई के सफाई कर्मचारियों को मिलेगा मालिकाना हक वाला घर, पंचशील नगर में नए कर्मचारी आवासों की चाबियां वितरित

मुंबई। मुंबई के स्वच्छता कर्मचारियों को सेवा निवास के साथ मालिकाना हक वाले घर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शुक्रवार को पंचशील नगर, कुलाबा में आश्रय योजना कक्ष, चरण-2 के अंतर्गत नवनिर्मित कर्मचारी आवासों की चाबियां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों वितरित की गईं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष एड. राहुल नार्वेकर, महापौर रितू तावडे, उपमहापौर संजय घाडी, नगरसेवक मकरंद नार्वेकर, हर्षिता नार्वेकर तथा महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि स्वच्छता कर्मचारी स्वयं के स्वास्थ्य की चिंता किए बिना नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं। ऐसे कर्मचारियों को सम्मानजनक और सुविधायुक्त आवास उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। महाराष्ट्र के सभी स्वच्छता कर्मचारियों को सेवा निवास के साथ मालिकाना हक वाले घर देने का निर्णय लिया गया है और इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। इससे भविष्य में कर्मचारियों को अपने घर की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि स्वच्छता कर्मचारियों के लिए डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर श्रमसाफल्य और वाल्मीकि आवास योजना शुरू की गई है। सेवा निवास संबंधित कर्मचारी के स्थान पर उसके बेटे की नियुक्ति होने पर उसे हस्तांतरित किया जाएगा। वर्ष 2028 तक स्वच्छता कर्मचारियों को सेवा निवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्री-फैब्रिकेटेड तकनीक से अब तक मुख्यतः निजी क्षेत्र की बड़ी इमारतें बनाई जाती थीं, लेकिन पहली बार महानगरपालिका की इमारत इस तकनीक से तैयार की गई है। आवास परिसर में सामूहिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। स्वच्छता कर्मचारियों के योग्यताधारी बच्चों को वर्ग-3 में नौकरी देने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने न्यायालयीन लड़ाई जीतकर लाडपागे समिति की सिफारिशें लागू की हैं। इसके अलावा ठेका, दैनिक वेतन और एवजदार पद्धति से काम करने वाले कर्मचारियों को भी न्यूनतम वेतन तथा आवश्यक सुविधाएं देने का निर्णय लिया गया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्वच्छता कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि जब मुंबई गहरी नींद में होती है, तब ये कर्मचारी सड़कों की सफाई कर शहरवासियों के स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं। कोविड महामारी के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना उन्होंने सेवा दी। गहन सफाई अभियान और बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति में भी कर्मचारी लगातार काम करते हैं। मुंबई का वास्तविक हीरो स्वच्छता कर्मचारी है। उन्होंने बताया कि मुंबई महानगरपालिका के 29 हजार स्वच्छता कर्मचारियों को सेवा आवास उपलब्ध कराने की योजना का पहला चरण शुरू हो गया है। मुंबई की 146 कर्मचारी बस्तियों का चरणबद्ध पुनर्विकास कर सभी कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण आवास दिए जाएंगे। इस परियोजना में पहले 150 वर्ग फुट के घरों के स्थान पर 300 वर्ग फुट के घर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महानगरपालिका ने पहली बार प्री-फैब्रिकेटेड तकनीक का उपयोग कर इन आवासों का निर्माण तेजी से किया है। विधानसभा अध्यक्ष एड. राहुल नार्वेकर ने कहा कि मुंबई के 29 हजार स्वच्छता कर्मचारियों को घर उपलब्ध कराने के सपने की शुरुआत पंचशील नगर में 140 फ्लैटों की चाबी वितरण से हुई है। मुंबई को स्वच्छ और स्वस्थ रखने वाले सफाई कर्मचारियों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

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