गढ़चिरौली में माओवादियों के हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद, BDDS ने मौके पर किया नष्ट

मुंबई। महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर वामपंथी उग्रवाद (LWE) के शेष प्रभाव को समाप्त करने की दिशा में गढ़चिरौली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जंगल में जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री के बड़े जखीरे का पता लगाकर उसे नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर की गई।
वंगेतुरी के जंगलों में छिपाए गए थे विस्फोटक
पुलिस के अनुसार, खुफिया सूचना मिली थी कि माओवादियों ने वंगेतुरी पुलिस थाना क्षेत्र के जंगलों में भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक उपकरण और अन्य सामग्री छिपाकर रखी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, माओवादी महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे दुर्गम इलाकों का इस्तेमाल हथियारों और विस्फोटकों को छिपाने के लिए करते रहे हैं। इनका उपयोग चुनाव के दौरान, सुरक्षा बलों पर हमले, जवाबी कार्रवाई के अभियानों अथवा कथित नक्सली आयोजनों के समय किया जा सकता था। गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक (SP) एम. रमेश के मार्गदर्शन में मंगलवार को संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया। अभियान में C-60 कमांडो की चार विशेष टीमों के साथ बम निरोधक दस्ते (BDDS) की एक यूनिट शामिल थी। लक्षित वन क्षेत्र में तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को जमीन के नीचे छिपाया गया हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा मिला।
BDDS ने विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से किया नष्ट
मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करते हुए BDDS के विशेषज्ञों ने मौके पर ही खतरनाक विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके। पुलिस के अनुसार, बरामद सामग्री में एक 12-बोर राइफल, तीन सिंगल-शॉट राइफलें, एक एयर गन, हथियार का एक हिस्सा, विस्फोटक सामग्री, 100 सुतली बम, एक वायरलेस माइक सेट और माओवादियों की कई हरी वर्दियां शामिल हैं।
सीमावर्ती जंगलों में तलाशी अभियान जारी
गढ़चिरौली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान आगे भी जारी रहेंगे। इसका उद्देश्य हथियारों और विस्फोटकों के अन्य छिपे हुए ठिकानों का पता लगाना तथा क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस के मुताबिक, माओवादी गतिविधियों में कमी आने से स्थानीय नागरिकों को राहत मिली है।
कोपरशी जंगल में भी मिला था हथियारों का जखीरा
इससे पहले इसी महीने गढ़चिरौली पुलिस ने कोपरशी के घने जंगलों में माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों के बड़े जखीरे का पर्दाफाश किया था। उस कार्रवाई में .303 राइफल, सिंगल-शॉट राइफलें, देसी पिस्तौलें, बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, जिंदा कारतूस, डेटोनेटर और प्रेशर कुकर बरामद किए गए थे। पुलिस के अनुसार, प्रेशर कुकर का इस्तेमाल अक्सर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बनाने के लिए किया जाता है। गढ़चिरौली में लगातार सामने आ रही इन कार्रवाइयों को महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर माओवादी नेटवर्क और उनके हथियारों के गुप्त ठिकानों के खिलाफ सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
