रिश्ता तोड़ने पर प्रेमिका पर पिस्टल से फायरिंग, दो बहनें घायल, एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार

इंद्र यादव / मुंबई। नवी मुंबई के कोपरखैराने इलाके में प्रेम संबंध टूटने से नाराज युवक द्वारा प्रेमिका पर पिस्टल से फायरिंग करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुक्रवार सुबह 22 वर्षीय आरोपी ने अपनी 20 वर्षीय प्रेमिका पर दो राउंड गोली चलाई। इस हमले में युवती के साथ उसकी 22 वर्षीय बड़ी बहन भी घायल हो गई। एक युवती के कान के पास गोली लगी, जबकि दूसरी की पीठ में गोली जा लगी। दोनों घायलों को तत्काल नवी मुंबई महानगरपालिका अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले में कोपरखैराने पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अर्जुन चव्हाण (22) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका साथी राकेश चव्हाण घटनास्थल से फरार हो गया। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। आरोपी के पास से हथियार भी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
रिश्ता टूटने पर हिंसा, युवाओं की मानसिकता पर गंभीर सवाल
यह घटना महज प्रेम प्रसंग में विवाद का मामला नहीं, बल्कि उस खतरनाक मानसिकता को उजागर करती है, जिसमें किसी रिश्ते के खत्म होने को स्वीकार करने के बजाय हिंसा का सहारा लिया जाता है। युवती द्वारा संबंध तोड़ने के फैसले के बाद कथित तौर पर युवक ने गोलीबारी की। किसी व्यक्ति का रिश्ता खत्म करना उसका निजी अधिकार है। ‘ना’ कहने को अपमान समझना और असहमति के जवाब में हिंसा करना गंभीर सामाजिक चिंता का विषय है। आधुनिक और व्यस्त नवी मुंबई में दिनदहाड़े पिस्टल से फायरिंग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और युवाओं में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति पर भी सवाल खड़े किए हैं।
हथियार कहां से आया, पुलिस जांच का विषय
आरोपी के पास पिस्टल कहां से आई, क्या उसके पास हथियार का लाइसेंस था या हथियार अवैध रूप से हासिल किया गया था, इन सवालों की जांच जरूरी है। इलाके में अवैध हथियारों की उपलब्धता और संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल की जानी चाहिए। मामूली नाराजगी या संबंधों में तनाव के बाद गोली चलाने जैसी घटना भावनात्मक नियंत्रण और सामाजिक संवेदनशीलता को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है।इस गोलीबारी में युवती की बड़ी बहन भी घायल हुई, जो कथित तौर पर अपनी बहन के साथ मौजूद थी। इस तरह व्यक्तिगत विवाद की हिंसा में निर्दोष व्यक्ति भी प्रभावित हो रहे हैं। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। हालांकि, इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। समाज में यह स्पष्ट समझ विकसित करना जरूरी है कि प्रेम संबंध किसी पर अधिकार का प्रमाण नहीं हैं और रिश्ता समाप्त करना किसी का अपराध नहीं। नवी मुंबई की यह घटना प्रेम के नाम पर हिंसा करने वाली मानसिकता के खिलाफ गंभीर चेतावनी है।
