गोकुळ विवाद में उद्धव ठाकरे की एंट्री: सतेज पाटील को दिया समर्थन, 9 नवंबर को कोल्हापुर में शक्ति प्रदर्शन

कोल्हापुर। महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित गोकुळ दूध संघ के सत्ता संघर्ष ने अब नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। कांग्रेस विधायक सतेज पाटील की बहुमत के मुद्दे पर राज्य सरकार के खिलाफ भूमिका के बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी उन्हें समर्थन दिया है। उद्धव ठाकरे ने फोन पर सतेज पाटील से बातचीत कर भरोसा दिलाया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनकी पार्टी उनके साथ खड़ी है। इस समर्थन के बाद गोकुळ दूध संघ के अध्यक्ष पद को लेकर जारी राजनीतिक संघर्ष और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। गोकुळ दूध संघ में राज्य सरकार की ओर से चार संचालकों की नियुक्ति करने के फैसले ने विवाद खड़ा कर दिया है। दूध संघ के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए बहुमत का आंकड़ा हासिल करने को लेकर स्थिति उलझ गई थी। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने नियुक्ति का निर्णय लिया, जिस पर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है। सूत्रों के मुताबिक, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना भी सरकार के इस फैसले से नाराज है और इसके विरोध में है। गोकुळ दूध संघ के चुनाव में सतेज पाटील के नेतृत्व वाली राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी आघाड़ी ने 25 में से 13 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था, जबकि महायुति को 12 सीटें मिली थीं। इसके बावजूद शासन द्वारा नियुक्त संचालकों के फैसले के बाद अध्यक्ष पद का राजनीतिक समीकरण बदल गया है। सतेज पाटील ने सरकार के निर्णय का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से मिले जनादेश को दरकिनार करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने राज्य के राजनीतिक नेताओं और मीडिया से भी इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील की थी।
इस पूरे विवाद के बीच उद्धव ठाकरे ने सतेज पाटील से सीधे संवाद कर स्पष्ट किया कि ठाकरे गुट गोकुळ की लड़ाई में उनके साथ है। उन्होंने लोकतंत्र बचाने के लिए एकजुट रहने का भरोसा दिया। गोकुळ दूध संघ के अध्यक्ष पद को लेकर न्यायालय में भी कानूनी लड़ाई जारी है। वहीं, सतेज पाटील ने 9 नवंबर को कोल्हापुर में संघर्ष मोर्चा निकालने की घोषणा की है। ऐसे में गोकुळ दूध संघ का सत्ता संघर्ष अब केवल सहकारी संस्था तक सीमित न रहकर राज्य की राजनीति में भी महत्वपूर्ण मुद्दा बनता जा रहा है।
