हसन मुश्रीफ और उनके तीन बेटों को बड़ी राहत: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की क्लोजर रिपोर्ट विशेष PMLA अदालत ने मंजूर की

मुंबई। महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता हसन मुश्रीफ और उनके तीन बेटों को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी राहत मिली है। कोल्हापुर स्थित सर सेनापति संताजी घोरपडे चीनी मिल से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की क्लोजर रिपोर्ट को विशेष पीएमएलए अदालत ने मंजूरी दे दी है। ईडी ने जांच बंद करने संबंधी रिपोर्ट अदालत में पेश की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि मूल आपराधिक मामला बंद हो जाने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग की जांच आगे जारी रखने का कोई आधार नहीं रह गया है। अब अदालत द्वारा क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार किए जाने से मुश्रीफ परिवार को बड़ी राहत मिली है। जानकारी के अनुसार, कोल्हापुर पुलिस द्वारा दर्ज मूल मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने के बाद ईडी ने भी अगस्त में जांच बंद करने की रिपोर्ट पेश की थी। ईडी ने वर्ष 2022 में मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत दर्ज मामले के आधार पर जांच शुरू की थी। वर्ष 2023 में मुश्रीफ परिवार पर आरोप लगाया गया था कि चीनी मिल में किसानों को शेयरधारक बनाने का आश्वासन देकर उनसे धन एकत्र किया गया। इस मामले में करीब 40 हजार किसानों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। ईडी का दावा था कि किसानों से जुटाई गई रकम मुश्रीफ परिवार की कंपनियों में स्थानांतरित की गई थी। इस मामले में ईडी ने तीन बार छापेमारी की थी और लगभग 2.15 करोड़ रुपये की जमा राशि तथा नकदी जब्त की थी। जांच और आरोपों के चलते हसन मुश्रीफ की मुश्किलें काफी बढ़ गई थीं। हालांकि, अब विशेष पीएमएलए अदालत द्वारा ईडी की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार किए जाने के बाद मुश्रीफ और उनके तीन बेटों को इस मामले में महत्वपूर्ण राहत मिली है।
