मंडला में चोर गिरोह का पर्दाफाश, पांच आरोपी गिरफ्तार; 21.29 लाख की चोरी का खुलासा

मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में महाराजपुर थाना पुलिस ने चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चांदी के आभूषण, 2 हजार रुपये नकद और चोरी में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पूछताछ में गिरोह ने मंडला, जबलपुर और डिंडोरी जिलों में दो दर्जन से अधिक चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, इन मामलों में कुल 21 लाख 29 हजार 700 रुपये की चोरी का खुलासा हुआ है।
सूरजपुरा की चोरी से मिला सुराग
मामले की शुरुआत 30 अक्टूबर 2026 को ग्राम सूरजपुरा निवासी कमलेश धुर्वे की शिकायत से हुई। उन्होंने बताया कि परिवार के साथ घर से बाहर जाने के बाद लौटने पर लोहे के गेट और पेटी के ताले टूटे मिले। घर से चांदी की पायल, दो जोड़ी बिछिया और 2 हजार रुपये नकद चोरी हो गए थे। चोरी गए सामान की कीमत करीब 32 हजार रुपये बताई गई थी। शिकायत के बाद महाराजपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए करण धुर्वे (20), विजय मरावी (28), मनोज धुर्वे उर्फ किसन (25), अरवेद उर्फ भूपेंद्र धुर्वे (23) और एक 16 वर्षीय किशोर को गिरफ्तार किया।
मंडला सहित तीन जिलों में वारदातें
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने निवास थाना क्षेत्र में पांच, मोहगांव थाना क्षेत्र में पांच और नैनपुर थाना क्षेत्र में एक चोरी की वारदात स्वीकार की है। इसके अलावा जबलपुर के बरेला और डिंडोरी जिले के मेहंदवानी थाना क्षेत्र में भी चोरी की घटनाओं में उनकी संलिप्तता सामने आई है। पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी ने बताया कि गिरोह ने पिछले कुछ दिनों में मंडला जिले में करीब एक दर्जन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ के दौरान दो दर्जन से अधिक घटनाओं में संलिप्तता की जानकारी मिली है। एसपी के अनुसार, महाराजपुर के एक मामले में चोरी गया सामान बरामद कर लिया गया है। गिरोह में अन्य लोगों की संलिप्तता की आशंका भी है। पुलिस आरोपियों से आगे पूछताछ कर रही है, जिससे अन्य चोरी की घटनाओं और संभावित आरोपियों का खुलासा हो सकता है।
