क्षयरोग के शीघ्र और सटीक निदान के लिए महाराष्ट्र में लगेंगी 300 आधुनिक मशीनें

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल से ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार, एक घंटे में टीबी की जांच संभव

मुंबई। महाराष्ट्र को क्षयरोग (टीबी) मुक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल पर राज्य के दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 300 अत्याधुनिक ‘ट्रूनैट क्वात्रो’ आणविक निदान मशीनें स्थापित की जाएंगी। राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत ये मशीनें राज्यभर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, ग्रामीण अस्पतालों और जिला स्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों में लगाई जाएंगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन से मान्यता प्राप्त इन आधुनिक मशीनों की सहायता से क्षयरोग का शीघ्र और सटीक निदान किया जा सकेगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि लगभग 41.92 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रकल्प की अवधि 21 महीने निर्धारित की गई है। इसके लिए बीपीसीएल फाउंडेशन, एचआईटीईएस-एचएलएल इन्फ्रा टेक सर्विसेज लिमिटेड तथा स्वास्थ्य सेवा के सहसंचालक (क्षयरोग एवं कुष्ठरोग) के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन किया गया है। इस पहल से दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार होगा।
एक घंटे में टीबी की जांच
‘ट्रूनैट क्वात्रो’ मशीनों के माध्यम से मात्र एक घंटे में क्षयरोग के साथ-साथ रिफैम्पिसिन प्रतिरोधी क्षयरोग का भी निदान किया जा सकेगा। ये मशीनें पोर्टेबल हैं और बैटरी से संचालित होती हैं। इसलिए इन्हें दूरदराज के क्षेत्रों में भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।
मशीनों के संचालन के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं, निक्षय मंच के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी की जाएगी।
प्रतिवर्ष 9 लाख 36 हजार जांचों की क्षमता
इस परियोजना के माध्यम से राज्य में प्रतिवर्ष लगभग 9 लाख 36 हजार जांचें करने की क्षमता विकसित होगी। इससे अनुमानित 1 लाख 12 हजार क्षयरोगियों और 4 हजार 680 रिफैम्पिसिन प्रतिरोधी क्षयरोगियों की शीघ्र पहचान की जा सकेगी। निदान में होने वाली देरी कम होने से संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के नागरिकों को सुलभ एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। राज्य सरकार की इस पहल से ‘टीबी मुक्त महाराष्ट्र’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होने की उम्मीद है।

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