ग्रामीण विद्यार्थियों तक आधुनिक शिक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता: मंत्री आदिति तटकरे

मुंबई। महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिति तटकरे ने कहा कि डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीक का शिक्षा में उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। सरकार का प्रयास है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण और दुर्गम इलाकों के विद्यार्थियों तक भी विश्वस्तरीय आधुनिक शिक्षा पहुंचाई जाए। मंगलवार को अंधेरी स्थित नेस्को प्रदर्शनी केंद्र में ‘एजुकेशन ग्रोथ नेटवर्क’ के दो दिवसीय ‘एजुकेशन कनेक्ट एक्सपो’ का उद्घाटन मंत्री आदिति तटकरे ने किया। इस अवसर पर नेटवर्क की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉली सिंह भी उपस्थित थीं। तटकरे ने कहा कि ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के समान अवसर देने के लिए विश्वस्तरीय पाठ्यक्रमों का भारतीय भाषाओं में अनुवाद कर उन्हें सरल रूप में उपलब्ध कराने पर विचार करना जरूरी है। एक्सपो में शिक्षा के क्षेत्र में नए विचारों, आधुनिक तकनीक और शैक्षणिक विकास के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि इन चर्चाओं से सामने आने वाले सुझावों को राज्य की प्रस्तावित बाल नीति में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षकों के प्रशिक्षण और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर
मंत्री ने कहा कि डिजिटल शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाने के साथ शिक्षकों को उनके बेहतर उपयोग का प्रशिक्षण देना भी जरूरी है। इसके लिए कम से कम दो दिन यानी 48 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को भी महत्वपूर्ण बताया। तटकरे के अनुसार, विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की समस्याओं को एक साथ समझकर उनका समाधान करने की दिशा में सरकार प्रयास करेगी।
