डेनमार्क के मंत्री मार्टिन लिडेगार्ड ने राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से की मुलाकात
महाराष्ट्र में डेनमार्क की 63 कंपनियां सक्रिय, हरित ऊर्जा, एआई और शिक्षा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर जोर

मुंबई। डेनमार्क के व्यवसाय एवं प्रतिस्पर्धात्मकता मंत्री मार्टिन लिडेगार्ड ने सोमवार को अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ लोकभवन में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान भारत और डेनमार्क के बीच व्यापार, निवेश और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई। बैठक में मंत्री लिडेगार्ड ने बताया कि लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी मर्स्क सहित डेनमार्क की 63 कंपनियां महाराष्ट्र में काम कर रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते से महाराष्ट्र को भी लाभ मिलेगा।
हरित ऊर्जा और आधुनिक तकनीक में सहयोग की संभावनाएं
लिडेगार्ड ने भारत-डेनमार्क हरित रणनीतिक साझेदारी के तहत पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और जीवन विज्ञान जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं बताईं। इसके अलावा ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और शिक्षा के क्षेत्र में भी आपसी सहयोग को विस्तार देने में रुचि दिखाई। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने डेनमार्क के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए भारत की शिक्षा, कौशल विकास, डिजिटल लेनदेन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में हो रही प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा की। इस अवसर पर भारत में डेनमार्क के राजदूत रासमुस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेन्सन, अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय विभाग की उप स्थायी सचिव टिने नील्सन हर्ट्ज, उप मिशन प्रमुख मार्टिन एग्नुड पीटर्सन, मंत्री के विशेष सलाहकार ख्रिस्तोफर लेहमन, काउंसलर जोसेफिन इवा लिली पालेसन, प्रथम सचिव मथियास एमिल बेंटसन, मंत्री की निजी सचिव अमाली रोसेनबेक क्रिस्टियनसेन तथा विभाग प्रमुख विनोथा थियागराज और स्टेफन ल्यूक पीटर्सन उपस्थित थे।
