महाराष्ट्र को शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य: मंत्री चंद्रकांत पाटिल

मुंबई। महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और एलेट्स टेक्नोमीडिया के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. होमी भाभा राज्य विश्वविद्यालय में सोमवार को ‘महाराष्ट्र उच्च शिक्षा शिखर सम्मेलन’ का उद्घाटन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटिल के हाथों किया गया। इस अवसर पर मंत्री पाटिल ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री देना नहीं है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास पैदा कर उन्हें आत्मनिर्भर और देश के विकास में योगदान देने वाला जागरूक नागरिक बनाना है। महाराष्ट्र को शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ की संकल्पना के अनुरूप महाराष्ट्र में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने तथा उद्योगों की जरूरतों के अनुसार शिक्षा व्यवस्था विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महाराष्ट्र की पहचान एक प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करना सरकार का लक्ष्य है। इस शिखर सम्मेलन में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, कौशल विकास, उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने, अनुसंधान, रोजगार सृजन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर नीतिगत चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. वेणुगोपाल रेड्डी ने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग जगत और विषय विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर विचारों का आदान-प्रदान करना तथा शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में राज्यमंत्री इंद्रनील नाईक, सीईटी आयुक्त दिलीप सरदेसाई, उच्च शिक्षा निदेशक शैलेंद्र देवळाणकर, तकनीकी शिक्षा निदेशक प्रमोद नाईक, एलेट्स टेक्नोमीडिया के संस्थापक डॉ. रवि गुप्ता और राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे। अपर मुख्य सचिव बी. वेणुगोपाल रेड्डी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में सहभागिता की।
