महापरिनिर्वाण दिवस की तैयारियां 1 दिसंबर से होंगी शुरू, चैत्यभूमि पर श्रद्धालुओं के लिए मिलेंगी सभी सुविधाएं
केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने की तैयारियों की समीक्षा

मुंबई। भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के 6 दिसंबर को मनाए जाने वाले महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर चैत्यभूमि आने वाले लाखों अनुयायियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं और इसके लिए आवश्यक निधि भी उपलब्ध कराई जाए। सोमवार को सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित पूर्व तैयारी समीक्षा बैठक में आठवले ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और भीड़ नियंत्रण, यातायात, सुरक्षा, स्वच्छता तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं 1 दिसंबर से ही उपलब्ध कराई जाएं। चैत्यभूमि परिसर में मेडिकल टीम, एंबुलेंस, सीसीटीवी कैमरे और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के साथ 4 से 6 दिसंबर तक के लिए सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन की विशेष योजना तैयार करने को कहा गया है। बैठक में डॉ. आंबेडकर के जीवन और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 5 और 6 दिसंबर को ड्रोन शो, उनके जीवनकार्य पर आधारित प्रदर्शनी और लघु फिल्में आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। अनुयायियों की सुविधा के लिए बेस्ट और एसटी की अतिरिक्त बसें चलाने तथा ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन के लिए मुफ्त वातानुकूलित बस सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा पुस्तकों और बार्टी की योजनाओं की जानकारी देने के लिए विशेष स्टॉल लगाने, वृक्षारोपण और नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाने पर विचार किया गया। प्रस्तावित संविधान मार्ग सहित चैत्यभूमि परिसर के विकास कार्यों को पूरा करने और लंबे समय से लंबित प्रॉपर्टी कार्ड का मुद्दा भी जल्द सुलझाने के निर्देश दिए गए। राज्यमंत्री आठवले ने प्रसिद्ध लेखकों के विचारपूर्ण लेखों के साथ ‘लोकराज्य’ पत्रिका का विशेषांक प्रकाशित करने का सुझाव भी दिया। बैठक में सांस्कृतिक कार्य मंत्री एड. आशीष शेलार, अतिरिक्त नगर आयुक्त (शहर) प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे, सहायक पुलिस आयुक्त मनोज जोशी, एसटी महामंडल के उपमहाप्रबंधक सागर पलसुले सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और समन्वय समिति के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
