गोंडा में विश्वविद्यालय बनने से बंद होगा नकल का कारोबार, युवाओं को मिलेगी उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा: योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री बोले- विश्वविद्यालय बनने की राह में नकल के ठेकेदार थे सबसे बड़ी बाधा, पिछले साढ़े नौ वर्षों में गोंडा के लिए 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत

गोंडा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोंडा में विश्वविद्यालय की स्थापना की राह में सबसे बड़ी बाधा नकल के ठेके चलाने वाले लोग थे। उन्हें डर था कि विश्वविद्यालय बनने से उनका अवैध कारोबार बंद हो जाएगा। इसी कारण वे यहां विश्वविद्यालय की स्थापना नहीं चाहते थे। सरकार ने विश्वविद्यालय देकर नकल के इस धंधे पर रोक लगाने और युवाओं का भविष्य संवारने का रास्ता खोला है। अब क्षेत्र में नकल नहीं, बल्कि शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सोमवार को छपिया के तेजपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय बनने से गोंडा समेत देवीपाटन मंडल के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्हें अपने क्षेत्र में ही बेहतर शैक्षिक सुविधाएं मिलेंगी और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। योगी ने क्षेत्र में स्वास्थ्य और सड़क सुविधाओं के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि गोंडा में महाराजा देवी बख्श सिंह के नाम पर मेडिकल कॉलेज बन चुका है। बहराइच में महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज संचालित है, जबकि बलरामपुर में अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है। उन्होंने गोंडा-बलरामपुर और गोंडा-अयोध्या मार्ग के चौड़ीकरण का भी उल्लेख किया। बताया कि केंद्र सरकार से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है और केंद्रीय मंत्री एवं सांसद कीर्तिवर्धन सिंह इसके लिए प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए वर्ष 2016 के स्वच्छता सर्वेक्षण का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि उस समय गोंडा देश के सबसे गंदे शहरों में शामिल था। पिछली सरकारों के कार्यकाल में गोंडा, बलरामपुर और बहराइच में अज्ञात बीमारी से बच्चों की मौतों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि उस समय गरीब परिवारों के बच्चों की जान की परवाह नहीं की गई और जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाता था। योगी ने कहा कि अब गरीबों को राशन, रसोई गैस और आयुष्मान योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने दीपावली से पहले गरीब परिवारों को एक मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर देने की बात भी कही। खाद्यान्न घोटाले का उल्लेख करते हुए उन्होंने पिछली सरकारों पर गरीबों के हक पर डाका डालने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों का ब्योरा देते हुए कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में गोंडा जिले के लिए 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। वहीं, देवीपाटन मंडल में करीब 50 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम हुआ है। वर्ष 2023 के निवेश सम्मेलन में गोंडा को लगभग तीन हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से सैकड़ों करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए भी प्रयास कर रही है। पराली और बायोगैस के माध्यम से किसानों के लिए आय के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और निवेश के क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों से गोंडा और देवीपाटन मंडल को नई पहचान मिलेगी।

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