गढ़चिरौली में माओवादियों के छिपे हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा बरामद
महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के जंगलों में पुलिस का अभियान; 12-बोर राइफल, तीन सिंगल-शॉट राइफलें, 100 सुतली बम और माओवादी वर्दियां मिलीं

गढ़चिरौली। महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर वामपंथी उग्रवाद के अवशेषों को खत्म करने की दिशा में गढ़चिरौली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वांगेतुरी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत जंगल में जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्रियों के जखीरे का पता लगाया। पुलिस के अनुसार, खतरनाक विस्फोटकों को बम निरोधक दस्ते ने मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए मौके पर ही नष्ट कर दिया।
गोपनीय सूचना पर संयुक्त तलाशी अभियान
पुलिस को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर यह अभियान चलाया गया। सूचना थी कि माओवादियों ने दुर्गम वन क्षेत्र में हथियार, आग लगाने वाले उपकरण और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, माओवादी अंतरराज्यीय सीमा के दुर्गम इलाकों का इस्तेमाल हथियारों और विस्फोटकों को छिपाने के लिए करते रहे हैं। इन सामग्रियों का इस्तेमाल चुनाव के दौरान, सुरक्षा बलों पर हमलों और अन्य माओवादी गतिविधियों में किए जाने की आशंका जताई गई। गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में मंगलवार को संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया। इसमें सी-60 कमांडो की चार विशेष टीमों और बम निरोधक दस्ते (BDDS) की एक इकाई ने हिस्सा लिया।
जमीन के नीचे मिला हथियारों का जखीरा
तलाशी के दौरान टीमों को जंगल में जमीन के नीचे छिपाई गई सामग्री मिली। पुलिस के अनुसार, बरामद सामान में एक 12-बोर राइफल, तीन सिंगल-शॉट राइफलें, एक एयर गन, हथियार का एक हिस्सा, विस्फोटक सामग्री, 100 सुतली बम, एक वायरलेस माइक सेट और माओवादियों की कई हरी वर्दियां शामिल हैं। विस्फोटकों से संभावित खतरे को देखते हुए BDDS के विशेषज्ञों ने निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत उन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया।
सीमावर्ती इलाकों में तलाशी जारी
गढ़चिरौली पुलिस ने कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में हथियारों और विस्फोटकों के अन्य छिपे हुए ठिकानों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान जारी रहेंगे। पुलिस का लक्ष्य माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और क्षेत्र में स्थायी शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
