मध्य रेलवे का सतर्कता जागरूकता सप्ताह संपन्न, ‘सुबोध’ पुस्तिका का विशेष संस्करण जारी
एआई के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने, अनियमितताओं का पता लगाने और भ्रष्टाचार रोकने पर जोर, विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान

मुंबई। मध्य रेलवे में सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का समापन 28 अक्टूबर को पुरस्कार वितरण समारोह और ‘सुबोध’ पुस्तिका के विशेष संस्करण के विमोचन के साथ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान, लखनऊ के संस्थापक निदेशक एवं सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी डॉ. जी.के. गोस्वामी थे। इस अवसर पर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव, मुख्य सतर्कता अधिकारी एवं वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक नीरज कुमार दोहरे सहित मुख्यालय, मंडलों और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सतर्कता प्रशासन में एआई की भूमिका पर चर्चा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. गोस्वामी ने रेलवे क्षेत्र और सतर्कता प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एआई के माध्यम से पारदर्शिता मजबूत करने, अनियमितताओं की पहचान करने, भ्रष्टाचार रोकने और सतर्कता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने वास्तविक मामलों के उदाहरणों के जरिए समझाया कि उभरती तकनीकें प्रशासन में दक्षता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था को बढ़ावा दे सकती हैं। इस अवसर पर ‘सुबोध’ पुस्तिका का विशेष संस्करण जारी किया गया। इसमें केस स्टडी और बेहतर कार्यप्रणालियों से जुड़े सुझाव शामिल हैं, जिनका उद्देश्य कार्यप्रणाली में सुधार और अच्छी व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करना है।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत रेलवे कर्मचारियों में ईमानदारी, सतर्कता और भ्रष्टाचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निबंध लेखन, नारा लेखन, वाद-विवाद और नुक्कड़ नाटक जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। समारोह में इन गतिविधियों के विजेताओं को सम्मानित किया गया। इस वर्ष सतर्कता जागरूकता सप्ताह की थीम “समृद्धि के लिए सत्यनिष्ठा” (Probity for Prosperity) रही। केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के दिशानिर्देशों के अनुरूप आयोजित यह सप्ताह तीन महीने तक चलने वाले सतर्कता जागरूकता अभियान का हिस्सा है। अभियान का उद्देश्य भ्रष्टाचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अधिकारियों, कर्मचारियों तथा नागरिकों को भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।
