महाराष्ट्र में एआई और डिजिटल प्रणालियों से बढ़ेगी प्रशासनिक पारदर्शिता: मुख्यमंत्री फडणवीस
‘महाइंडस’ सुरक्षित एआई प्लेटफॉर्म का शुभारंभ, महाडीबीटी 2.0, आपले सरकार 2.0 और मैत्री पोर्टल पर नई सेवाएं शुरू

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), एकीकृत डेटाबेस और डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी उपयोग से सरकारी कामकाज की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। इससे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंचाने, योजनाओं के परिणामों का आकलन करने और अपात्र लाभार्थियों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी। बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्रि अतिथिगृह में ‘महासारथी’ पोर्टल की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान ‘महाडीबीटी 2.0’, ‘आपले सरकार 2.0’, ‘मैत्री’ पोर्टल की नई सेवाओं और ‘महाइंडस’ सुरक्षित एआई प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया। बैठक में मत्स्य व्यवसाय मंत्री नीतेश राणे, राज्य सेवा हक्क आयोग के मुख्य आयुक्त मनु कुमार श्रीवास्तव, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विभागीय आयुक्त और जिलाधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सरकारी कामकाज के लिए एकीकृत डेटाबेस तैयार करने, एआई के उपयोग और विभिन्न विभागों की सूचनाओं को एक साथ जोड़ने के लिए चल रहे प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘महा आईडी’ के माध्यम से नागरिकों की जानकारी को एकीकृत करने के साथ प्रशासन की कार्यक्षमता और जवाबदेही भी बढ़ाई जा सकेगी। सरकारी निर्णयों के बड़े संग्रह से आवश्यक जानकारी शीघ्र खोजना, पत्राचार का प्रबंधन करना और कार्यालयीन कामकाज आसान बनाना इन प्रणालियों के प्रमुख लाभ होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह सार्वभौम एआई का उपयोग करने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है।
योजनाओं के लाभार्थियों का सत्यापन होगा प्रभावी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की महत्वाकांक्षी ‘महासारथी’ परियोजना अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। इसके अंतर्गत विभिन्न विभागों से संबंधित कार्य जल्द पूरे किए जाने चाहिए। विभिन्न विभागों की जानकारी का एपीआई इंटीग्रेशन होने से डेटा को लगातार अद्यतन रखना संभव होगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन, निधि के उपयोग और लाभार्थियों के सत्यापन में सुधार आएगा। विशेष रूप से व्यक्तिगत लाभ वाली योजनाओं में सही पात्रों का चयन, अपात्र लाभार्थियों की पहचान और योजनाओं से वास्तव में हुए लाभ का मूल्यांकन करने के लिए एकीकृत जानकारी का उपयोग किया जा सकेगा।
‘महाइंडस’ से आसान होगा प्रशासनिक कामकाज
‘सर्वम एआई’ के सहयोग से विकसित ‘महाइंडस’ सुरक्षित एआई प्लेटफॉर्म का मुख्यमंत्री फडणवीस ने शुभारंभ किया। इस प्लेटफॉर्म पर मराठी सहित 22 भारतीय भाषाओं में मसौदा तैयार करने, अनुवाद करने, सारांश बनाने और जानकारी का विश्लेषण करने की सुविधा उपलब्ध होगी। इसमें ऐसी व्यवस्था की गई है कि सरकारी डेटा देश से बाहर न जाए और एआई मॉडल के प्रशिक्षण के लिए उसका उपयोग न हो। प्लेटफॉर्म के ‘जीआर एक्सपर्ट’ फीचर से पुराने सरकारी निर्णयों को खोजना और उनमें हुए बदलावों की जांच करना संभव होगा। ‘ई-मेल समराइज़र’ ई-मेल का सारांश तैयार करेगा, जबकि ‘आरएफपी बिड इवैल्यूएटर’ के माध्यम से निविदाओं की तुलना और मूल्यांकन किया जा सकेगा।
डिजिटल प्रणालियों का वास्तविक उपयोग जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल डिजिटल व्यवस्था तैयार करना पर्याप्त नहीं है। संबंधित विभागों को इन प्रणालियों का वास्तविक उपयोग शुरू करना होगा और अधिक से अधिक उपयोगकर्ताओं को उनसे जोड़ना होगा। उपयोग बढ़ने से प्रणालियों की कमियों और समस्याओं का पता चलेगा, जिनका समय पर समाधान किया जा सकेगा। ‘महा आईडी’ का सॉफ्ट लॉन्च किया जा चुका है और अब तक एक करोड़ से अधिक आईडी बनाई जा चुकी हैं। सभी विभागों का बैकएंड इंटीग्रेशन पूरा होने के बाद इस प्रणाली को व्यापक स्तर पर लागू किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से निर्धारित समयसीमा में अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने और अगले चरण की योजना को व्यवस्थित ढंग से लागू करने का आह्वान किया।
तीन पोर्टलों पर नई सेवाओं की शुरुआत
‘महाडीबीटी 2.0’ पर मत्स्य व्यवसाय विभाग की 24, श्रम विभाग की 10 और महिला एवं बाल विकास विभाग की दो—कुल 36 नई योजनाएं शुरू की गईं। ‘आपले सरकार 2.0’ पोर्टल पर परिवहन विभाग की 61 सेवाओं सहित विभिन्न विभागों की कुल 71 सेवाएं शुरू की गई हैं। वहीं, ‘मैत्री’ पोर्टल पर वैधमापनशास्त्र विभाग की 13 नई सेवाएं जोड़ी गई हैं। इन पहलों का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल व प्रभावी करना है।
