मानहानि मामले में राहुल गांधी दोषमुक्त, सुल्तानपुर कोर्ट से मिली बड़ी राहत
छह साल पुराने मुकदमे में अदालत ने शिकायतकर्ता को ‘पीड़ित व्यक्ति’ मानने से किया इनकार, फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगे विजय मिश्रा

सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश । केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने सोमवार को छह साल पुराने मुकदमे में उन्हें दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने 49 पन्नों के आदेश में शिकायतकर्ता विजय मिश्रा को ‘पीड़ित व्यक्ति’ की श्रेणी में नहीं माना। साथ ही कहा कि राहुल गांधी के बयान का शिकायतकर्ता पर सीधा प्रभाव नहीं पड़ता। शिकायतकर्ता की ओर से पेश गवाहों के बयानों में भी विरोधाभास पाया गया। फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल बजाकर, पटाखे फोड़कर और नारेबाजी कर खुशी जताई। राहुल गांधी के अधिवक्ता ने कहा कि अदालत ने शिकायतकर्ता को पीड़ित व्यक्ति की श्रेणी में नहीं माना है। वहीं, विजय मिश्रा ने कहा कि उन्होंने अभी फैसले की प्रति नहीं देखी है। वह वकीलों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करने के बाद कानूनी राय के आधार पर ऊपरी अदालत में अपील दायर करेंगे।
2018 में दर्ज हुई थी मानहानि की शिकायत
मामला आठ मई 2018 का है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान बेंगलुरु में राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी। इससे नाराज भाजपा नेता और तत्कालीन जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष विजय मिश्रा ने चार अगस्त 2018 को मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को तलब किया था। वह 20 फरवरी 2024 को अदालत में पेश हुए, जहां उन्हें जमानत मिली। मुकदमे के दौरान करीब 140 पेशियां हुईं और राहुल गांधी को कुल चार बार सुल्तानपुर आना पड़ा। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी के वॉयस सैंपल का मिलान कराने की मांग की थी, लेकिन मजिस्ट्रेट कोर्ट, सेशन कोर्ट और हाईकोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। राहुल गांधी का बयान 20 फरवरी 2026 को दर्ज किया गया। छह अक्तूबर को अंतिम बहस शुरू हुई और 12 अक्तूबर को सुनवाई पूरी हो गई।
14 मिनट में पूरी हुई अदालती कार्यवाही
सोमवार सुबह 11:19 बजे राहुल गांधी एमपी-एमएलए कोर्ट के कक्ष में पहुंचे और 11:33 बजे बाहर निकल गए। करीब 14 मिनट में कार्यवाही पूरी हुई, जिसमें लगभग 10 मिनट तक न्यायाधीश ने फैसला पढ़ा। इस दौरान उनके साथ अधिवक्ता काशीनाथ शुक्ला, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आरएस चीमा, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। राहुल गांधी के अधिवक्ता ने फैसले पर संतोष जताया। दूसरी ओर, शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने कहा कि फैसले की प्रति देखने और कानूनी सलाह लेने के बाद वह आगे की कार्रवाई तय करेंगे। उन्होंने ऊपरी अदालत में अपील दायर करने की बात कही।
