‘तीसरी मुंबई’ बनेगी महाराष्ट्र के विकास का नया ग्रोथ इंजन, 15 लाख रोजगार का लक्ष्य
नैना क्षेत्र के विकास कार्यों का मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया भूमिपूजन, हवाई अड्डे से जुड़ी प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजनाओं का लोकार्पण

रायगढ़। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रभाव अधिसूचित क्षेत्र (नैना) के सुनियोजित विकास के माध्यम से लगभग 15 लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें पांच लाख रोजगार उच्च वेतन वाले होंगे। इस विकास से पैदा होने वाले अवसरों में स्थानीय भूमिपुत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। किसानों का विश्वास जीतकर उन्हें विकास का भागीदार बनाने के साथ आधुनिक बुनियादी सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए ‘तीसरी मुंबई’ महाराष्ट्र के विकास का नया ग्रोथ इंजन बनेगी। रविवार को यह बात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पनवेल तालुका के शिरढोण में नैना क्षेत्र के विकास कार्यों के भूमिपूजन समारोह में कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पूर्वी हिस्से को जोड़ने वाली एसबीआर-9, बीआर-4 और बीआर-5 कनेक्टिविटी परियोजनाओं के साथ उरण बायपास पुल का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय भूधारकों को संपत्ति पत्रक भी वितरित किए गए।
सुनियोजित विकास से पैदा होंगे रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देने वाला महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके प्रभाव क्षेत्र का सुनियोजित और समयबद्ध विकास करने के लिए एकीकृत विकास योजना तैयार की गई है। नगर नियोजन योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र का व्यवस्थित विकास किया जा रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि नैना का विकास केवल सड़कों, इमारतों और शहरी बस्तियों के निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा। यहां रोजगार, जलापूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। एज्युसिटी, मेडिसिटी, स्पोर्ट्स सिटी, एरोसिटी और नॉलेज सिटी जैसी अवधारणाओं के जरिए विभिन्न आर्थिक और सामाजिक अवसर विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नैना क्षेत्र मुंबई, नवी मुंबई, रायगढ़, ठाणे और पालघर के विकास को नई दिशा देगा। महाराष्ट्र में मुंबई महानगर क्षेत्र के साथ पुणे, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर जैसे विकास केंद्र उभर रहे हैं। इसी तरह ठाणे, नवी मुंबई, रायगढ़ और पालघर आने वाले समय में राज्य के आर्थिक विकास के प्रमुख केंद्र बनेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विकास स्थानीय भूमिपुत्रों के हितों की रक्षा करते हुए किया जाएगा।
भूधारकों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूधारकों को उनकी जमीन से संबंधित दस्तावेज सौंपने के बाद ही विकास कार्यों का भूमिपूजन करने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत गांववार माप-जोख, भूखंडों की पहचान, स्वामित्व अभिलेख और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भूधारकों की समस्याओं का समाधान होने तक राज्य सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी। स्थानीय किसानों और भूमिपुत्रों को विकास प्रक्रिया में भागीदार बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
‘नैना क्षेत्र का विकास तेजी से करेंगे, भूमिपुत्रों को बनाएंगे भागीदार’
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि नैना क्षेत्र में लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान कर विकास को गति देने की दृष्टि से यह दिन ऐतिहासिक है। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अटल सेतु के कारण पनवेल, उरण, नवी मुंबई और रायगढ़ क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली है। यह क्षेत्र महाराष्ट्र के नए ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे को जोड़ने वाली प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजनाओं के शुरू होने से मुंबई-पुणे राजमार्ग और राष्ट्रीय राजमार्गों से संपर्क अधिक मजबूत होगा। नैना क्षेत्र के भूधारकों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए विकास शुल्क और बेटरमेंट चार्ज शून्य करने का निर्णय लिया गया है। फ्रीहोल्ड से संबंधित प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। भूधारकों को संपत्ति पत्रक वितरित किए जाने से उनके भूखंडों के स्वामित्व अधिकारों का आधिकारिक रिकॉर्ड दर्ज करने का रास्ता साफ हुआ है। शिंदे ने कहा कि जिन भूमिपुत्रों ने अपनी जमीन देकर विकास की नींव रखी है, उन्हें इसका उचित लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि मुंबई, नवी मुंबई और तीसरी मुंबई को मजबूत सड़क और मेट्रो कनेक्टिविटी से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। अगले 25 से 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर नैना क्षेत्र की योजना बनाई गई है। सरकार ‘विश्वास, पारदर्शिता और परिवर्तन’ के सिद्धांतों पर काम करते हुए स्थानीय लोगों को रोजगार, भूधारकों को न्याय और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योग, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि नैना क्षेत्र का सुनियोजित विकास और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक बेहतर कनेक्टिविटी स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। पनवेल, उरण, नवी मुंबई और रायगढ़ जिले के विकास के लिहाज से ये परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 953 करोड़ रुपये की लागत से तैयार एसबीआर-9, बीआर-4 और बीआर-5 जैसी कनेक्टिविटी परियोजनाओं से पुणे, पनवेल, ठाणे और कल्याण क्षेत्र से हवाई अड्डे तक पहुंचना अधिक तेज और सुविधाजनक होगा। लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उरण बायपास से शहर में यातायात का दबाव कम होगा। इससे स्थानीय नागरिकों, मछुआरों और किसानों का आवागमन भी आसान होगा। उन्होंने कहा कि उलवे कोस्टल रोड, अटल सेतु और अन्य प्रमुख मार्गों की कनेक्टिविटी से क्षेत्र के विकास को और गति मिलेगी। सुनेत्रा पवार ने कहा कि हवाई अड्डे, अटल सेतु, कनेक्टिविटी परियोजनाओं और नैना क्षेत्र के सुनियोजित विकास को एक साथ जोड़ने से उद्योग, व्यापार, सेवा क्षेत्र और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और मुंबई पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। नवी मुंबई और रायगढ़ महाराष्ट्र के आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेंगे।
225 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के 94 गांवों का होगा समग्र विकास
कार्यक्रम की प्रस्तावना में सिडको के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अश्विन मुदगल ने बताया कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कारण नवी मुंबई, पनवेल, उरण और आसपास के क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिल रही है। लगभग 225 वर्ग किलोमीटर में फैले 94 गांवों के समग्र विकास की जिम्मेदारी सिडको विशेष नियोजन प्राधिकरण के रूप में निभा रहा है। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे, परिवहन व्यवस्था, शहरी विकास और भविष्य के आर्थिक अवसरों को ध्यान में रखते हुए नैना क्षेत्र को आधुनिक, सक्षम और टिकाऊ शहरी केंद्र में बदलने का लक्ष्य है। सड़कों, पुलों, एलिवेटेड मार्गों, फ्लाईओवर, इंटरचेंज और सर्विस रोड के एकीकृत नियोजन से यात्रा के समय और ईंधन की बचत होगी। इससे यातायात की भीड़ और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही व्यापार, उद्योग और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
