‘59 मिनट में मुंबई’ का संकल्प अब करीब, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने किया तीन फ्लाईओवरों का लोकार्पण
विद्याविहार, शीव और गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजनाओं से पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा फायदा

मुंबई। मुंबई महानगर क्षेत्र में तेज गति से विकसित हो रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कारण ‘59 मिनट में मुंबई’ का संकल्प अब साकार होने की दिशा में बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महानगर क्षेत्र में चल रही मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी परियोजनाओं से न केवल संपर्क व्यवस्था तेज होगी, बल्कि नागरिकों के ‘ईज ऑफ लिविंग’ में भी बड़ा सुधार आएगा। मुख्यमंत्री फडणवीस ने वर्षा निवास से ऑनलाइन माध्यम से मुंबई महानगरपालिका की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं— विद्याविहार रेलवे स्टेशन पर लालबहादुर शास्त्री मार्ग और रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग को जोड़ने वाले रेलवे फ्लाईओवर, शीव रेलवे स्टेशन के फ्लाईओवर और गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना के तहत रत्नागिरी जंक्शन से चित्रनगरी तक बने फ्लाईओवर—का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में पुणे से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, जबकि कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, विधायक राजहंस सिंह, पराग शहा, महापौर ऋतु तावड़े, उपमहापौर संजय घाडी सहित अन्य जनप्रतिनिधि जुड़े। कार्यक्रम की प्रस्तावना मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े ने रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई में उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम निर्बाध संपर्क व्यवस्था विकसित की जा रही है। विद्याविहार, गोरेगांव पूर्व और शीव की तीनों परियोजनाएं रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं और इनके कारण मुंबईकरों की यात्रा अधिक सुगम होगी।
उन्होंने कहा कि विद्याविहार फ्लाईओवर पूर्व के रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग और पश्चिम के एलबीएस मार्ग को जोड़ता है। पहले यह दूरी तय करने में करीब 30 मिनट लगते थे, जो अब लगभग 10 मिनट में पूरी हो सकेगी। इससे घाटकोपर स्टेशन के पास स्थित फ्लाईओवर पर यातायात का दबाव भी कम होगा। गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड को पूर्व-पश्चिम संपर्क के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रत्नागिरी होटल जंक्शन के पास बने फ्लाईओवर और उन्नत गोलाकार मार्ग की संरचना से आसपास के जंक्शनों पर ट्रैफिक जाम कम होगा और आगे प्रस्तावित जुड़वां भूमिगत सुरंगों तक पहुंच आसान होगी।
शीव रेलवे पुल के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि 112 वर्ष पुराना पुल असुरक्षित हो चुका था। नए पुल से यातायात सुचारु होने के साथ मध्य रेलवे की पांचवीं और छठी लाइन के निर्माण का रास्ता भी साफ होगा। इन अतिरिक्त रेल लाइनों के पूरा होने के बाद लोकल ट्रेनों की संख्या और आवृत्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी। नया शीव पुल पूर्व में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मार्ग और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को पश्चिम में धारावी, बांद्रा और बीकेसी से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण लिंक बनेगा। इस परियोजना का रेलवे हिस्से का खर्च 33.51 करोड़ रुपये और अप्रोच रोड का खर्च 31.62 करोड़ रुपये है। पुल का काम तय समय से करीब चार महीने पहले पूरा किया गया।
शीव रेलवे पुल की लंबाई 54.5 मीटर और चौड़ाई 26 मीटर है। इसमें 496 टन वजन के दो ‘सेमी थ्रू स्टील गर्डर’ लगाए गए हैं। डॉ. आंबेडकर रोड की ओर 65 मीटर, धारावी की ओर 110 मीटर और एलबीएस रोड की ओर 97 मीटर लंबे अप्रोच रोड बनाए गए हैं।
विद्याविहार फ्लाईओवर की कुल लंबाई करीब 600 मीटर और चौड़ाई 15.50 से 17.50 मीटर है। इसका निर्माण दो चरणों में किया गया। पहले चरण में रेलवे क्षेत्र की सेवाओं का पुनर्स्थापन और 99.34 मीटर लंबी दो गर्डर संरचनाएं स्थापित की गईं, जबकि दूसरे चरण में पूर्व और पश्चिम दिशा में लगभग 500 मीटर लंबे सर्विस रोड बनाए गए। गोरेगांव पूर्व में GMLR के तहत बना फ्लाईओवर 1.26 किलोमीटर लंबा और छह लेन वाला है। इसमें प्रीकास्ट बॉक्स आकार के कंक्रीट सेगमेंट, पी-7 से पी-11 के बीच घुमावदार स्टील स्पैन तथा जटिल बहुदिशात्मक संरचना का इस्तेमाल किया गया है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि महानगरपालिका, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के समन्वय से मुंबई की कई बड़ी परियोजनाएं तेजी से पूरी हो रही हैं। उन्होंने मनपा प्रशासन, इंजीनियरों, अधिकारियों, ठेकेदारों और कामगारों को इसके लिए बधाई दी।
