मुंबई एयरपोर्ट पर 3.47 करोड़ का सोना जब्त, अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के पांच सदस्य गिरफ्तार

दुबई से आए यात्रियों ने एयरोब्रिज पर एयरपोर्ट कर्मचारी को सौंपी थी खेप, 19 गोल्ड बार और चार छोटे टुकड़े बरामद

मुंबई। अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) के अधिकारियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान 2,317 ग्राम 24 कैरेट सोना, जिसकी कीमत करीब 3.47 करोड़ रुपये बताई गई है, जब्त किया गया। मामले में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, सोमवार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर दुबई से मुंबई आने वाले दो यात्रियों अकील अख्तर मीर और शादाब सलीम बगदादी पर टर्मिनल-2 पर उतरने के बाद नजर रखी जा रही थी। दोनों बिना कोई सामान घोषित किए कस्टम्स ग्रीन चैनल से बाहर निकल गए, जिसके बाद अधिकारियों ने उन्हें एग्जिट गेट के पास रोक लिया। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने किसी प्रतिबंधित या अघोषित सामान को साथ लाने से इनकार किया। हालांकि आगे की पूछताछ में कथित तस्करी नेटवर्क की जानकारी सामने आई। जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों यात्रियों ने दुबई से सोने की ईंटें लाने और उन्हें एयरपोर्ट की आंतरिक जांच से बचाने के लिए सीधे एयरोब्रिज पर एयरपोर्ट कर्मचारी नीलेश हलदानकर को सौंपने की बात स्वीकार की। जांच में सामने आया कि हलदानकर को यह सोना टर्मिनल के बाहर इंतजार कर रहे लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस जानकारी के आधार पर अधिकारियों की टीम टर्मिनल-2 के P5 वाहन निकास क्षेत्र में पहुंची, जहां शोएब इकबाल शेख और आमिर अकबर खान को पकड़ा गया। इसके बाद सभी संदिग्धों को एयर इंटेलिजेंस यूनिट के जांच कक्ष में ले जाया गया। एक राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में तलाशी के दौरान शोएब शेख की पैंट की जेब से असामान्य रूप से भारी काला बटुआ मिला। जांच में उसके अंदर सोने की 19 ईंटें और चार छोटे सोने के टुकड़े बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार, जब्त सोने का कुल वजन 2,317 ग्राम है और इसकी अनुमानित कीमत 3.47 करोड़ रुपये है। जांच एजेंसी का दावा है कि पूछताछ में पांचों आरोपियों ने कथित तौर पर नेटवर्क में अपनी अलग-अलग भूमिकाओं—कैरियर, हैंडलर और रिसीवर—के बारे में जानकारी दी। DRI अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था, सोने की खेप किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी और इसके तार किन अन्य देशों या शहरों से जुड़े हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

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