टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में हथियार सप्लाई की कड़ी, दो महिलाओं समेत चार गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की कार्रवाई, महाराष्ट्र CID ने औपचारिक गिरफ्तारी कर तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड ली

मुंबई/नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी जुहू फायरिंग की घटना की जांच में पुलिस को हथियार सप्लाई से जुड़ी एक अहम कड़ी हाथ लगी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मामले में कुणाल (21), सुमित (19), राधा (23) और बबीता (23) को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएं शामिल हैं। बाद में महाराष्ट्र पुलिस की अपराध जांच विभाग (CID), मुंबई की टीम ने चारों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर आगे की जांच के लिए ट्रांजिट रिमांड हासिल की। दिल्ली पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों को 20 अक्टूबर को पकड़ा गया। कुणाल और सुमित को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया गया, जबकि राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया गया। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान इनके तार उन हथियारों की आपूर्ति से जुड़े मिले, जिनका इस्तेमाल फायरिंग में शामिल शूटरों के लिए किया गया था। प्रारंभिक जांच के अनुसार, राधा और बबीता कथित तौर पर एक पिस्तौल और कारतूस लेकर मुंबई पहुंची थीं। इसके बाद दोनों ट्रेन से दिल्ली लौट गईं। पुलिस के मुताबिक, कुणाल हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था और हरसाना गांव के एक परिचित के माध्यम से उसकी मुलाकात अनिल पंडित से हुई थी। बताया गया है कि दोनों के बीच एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए संपर्क होता था। पुलिस का आरोप है कि पंडित के निर्देश पर कुणाल ने सुमित के साथ मिलकर अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस हासिल किए। करीब दो महीने पहले कुणाल की मुलाकात राधा से हुई थी। इसके बाद उसने कथित तौर पर राधा को अपने काम के बारे में बताया और हथियार मुंबई ले जाने के लिए तैयार किया। जांच के अनुसार, 15 अक्टूबर को कुणाल राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर गया। पिस्तौल राधा के बैग में रखी गई थी। पुलिस का कहना है कि यात्रा के दौरान कुणाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए दोनों महिलाओं के संपर्क में रहा और अनिल पंडित के निर्देश उन तक पहुंचाता रहा। राधा और बबीता 17 अक्टूबर को मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं। पुलिस के मुताबिक, उसी दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़के ने होटल के पास राधा से हथियार वाला बैग कथित तौर पर ले लिया। टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना 18 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे हुई। दिल्ली पुलिस के अनुसार, घटना के बाद अनिल पंडित ने कुणाल को बताया कि शूटर मुंबई में फंस गए हैं और उन्हें वहां से निकालने की व्यवस्था करने के लिए कहा। इसी बीच राधा और बबीता 18 अक्टूबर को दादर-हरिद्वार एक्सप्रेस से मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। 20 अक्टूबर को दोनों नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचीं, जहां दिल्ली पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। उसी दिन कुणाल और सुमित को सोनीपत से गिरफ्तार किया गया। दिल्ली पुलिस ने चारों आरोपियों को प्रारंभिक रूप से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(1)(b) के तहत अदालत में पेश किया। इसके बाद मुंबई से पहुंची महाराष्ट्र CID की टीम ने आरोपियों से पूछताछ और उनकी औपचारिक गिरफ्तारी के लिए अदालत में आवेदन दिया। अदालत ने आवेदन स्वीकार कर लिया, जिसके बाद महाराष्ट्र पुलिस ने चारों आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली है। अब आरोपियों को मुंबई लाकर हथियारों की आपूर्ति, शूटरों से उनके संपर्क, अनिल पंडित की भूमिका और पूरे नेटवर्क से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी। पुलिस की जांच अभी जारी है और आरोपियों पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगी।
