टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग में ‘जिगाना’ पिस्तौल के इस्तेमाल का संदेह, फडणवीस बोले- दोषियों को छोड़ेंगे नहीं
सात राउंड फायरिंग, पांच खाली खोखे और दो जिंदा कारतूस बरामद, तीन संदिग्ध पकड़े गए, हमले के पीछे के मास्टरमाइंड की तलाश जारी

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर रविवार को हुई फायरिंग की जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार हमलावरों ने 7.62 एमएम कैलिबर के कारतूसों से कुल सात राउंड फायरिंग की थी। क्राइम ब्रांच ने घटनास्थल से पांच खाली खोखे और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस को संदेह है कि हमले में तुर्की निर्मित ‘जिगाना’ सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया, हालांकि वारदात में प्रयुक्त हथियार अभी बरामद नहीं हुआ है। फायरिंग के समय टाइगर श्रॉफ कार में मौजूद थे और हमले में बाल-बाल बच गए। गोलीबारी में उनके चालक और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटनास्थल से मिले दो जिंदा कारतूसों को लेकर जांचकर्ताओं को आशंका है कि फायरिंग के दौरान किसी पिस्तौल में तकनीकी खराबी आई होगी, जिससे गोली चलने के बजाय पूरा कारतूस बाहर निकल गया। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार हमलावर पुष्पा पार्क इलाके में करीब 45 मिनट तक टाइगर श्रॉफ का इंतजार करते रहे। जैसे ही अभिनेता इमारत से बाहर निकलकर कार में बैठे, बाइक पर आए हमलावरों ने उनकी कार की ओर फायरिंग की। फुटेज में एक मोटरसाइकिल पर तीन लोग दिखाई दिए हैं। इनमें एक बाइक के पास रुका रहा, जबकि दो ने नीचे उतरकर कार की दिशा में गोलियां चलाईं और इसके बाद तीनों फरार हो गए। मुंबई पुलिस से मिली सूचना के आधार पर सोमवार को राजस्थान की कोटा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रेहान उर्फ सुक्का, ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और एक अन्य संदिग्ध को पकड़ा। पुलिस के अनुसार वे पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे से भागने की कोशिश कर रहे थे। प्रारंभिक पूछताछ में ‘अनिल पंडित’ नामक व्यक्ति द्वारा पैसे का लालच देकर रेहान से संपर्क किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस दावे की पुष्टि करने और पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में फिलहाल यह भी सामने आया है कि हमले का उद्देश्य टाइगर श्रॉफ की हत्या करने के बजाय उन्हें डराना और दहशत पैदा करना हो सकता है। क्राइम ब्रांच यह पता लगा रही है कि हथियार कहां से आए, वारदात के बाद कहां छिपाए गए और हमले के पीछे निर्देश देने वाला व्यक्ति कौन है। इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में हमलावरों और इस साजिश के पीछे के लोगों तक पहुंचा जाएगा। फडणवीस ने हमलावरों को “डरपोक” बताते हुए कहा कि ऐसे लोग खुद सामने नहीं आते, बल्कि बाहर बैठकर भाड़े के लोगों के जरिए वारदात को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई आपराधिक नेटवर्क महाराष्ट्र या देश के बाहर से संचालित हो रहा है तो केंद्रीय एजेंसियों और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई पुलिस एक पेशेवर पुलिस बल है और हर धमकी को गंभीरता से लेती है। उन्होंने कलाकारों और आम नागरिकों से किसी गिरोह से भयभीत न होने की अपील करते हुए कहा कि दोषियों को पकड़ने के लिए पुलिस पूरी क्षमता से काम कर रही है। फडणवीस ने यह भी कहा कि घटना के समय टाइगर श्रॉफ के साथ उनका नियमित सुरक्षा कवच मौजूद नहीं था। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब हमलावरों, हथियारों की सप्लाई और पूरे नेटवर्क के पीछे मौजूद लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
