सांताक्रूज में डॉ. दिनेशकुमार के काव्य संग्रह ‘छंद पंचामृत’ का भव्य लोकार्पण

मुंबई। सांताक्रूज स्थित पब्लिक स्कूल, कॉलेज एवं विधि महाविद्यालय के सभागार में डॉ. दिनेशकुमार रचित काव्य संग्रह ‘छंद पंचामृत’ का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। हिंद सेवा परिषद द्वारा संचालित पब्लिक स्कूल, कॉलेज एवं विधि महाविद्यालय, नीलम पब्लिकेशन तथा साहित्य संगम संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस साहित्यिक समारोह की अध्यक्षता प्रख्यात चिंतक वीरेंद्र याज्ञिक ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं अध्यक्ष तथा रक्षा विशेषज्ञ डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पब्लिक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राकेश दुबे तथा सम्माननीय अतिथि के रूप में विष्णु दत्त ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। समारोह में वक्ता के रूप में डॉ. कृपाशंकर मिश्र और ‘सांझा-लोकस्वामी’ के कार्यकारी संपादक राकेशमणि तिवारी उपस्थित रहे। इसके अलावा युग-प्रवर्तक साहित्य संस्थान के अध्यक्ष दिनेश बैसवारी तथा साहित्य संगम संस्था के संस्थापक राम सिंह की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के आयोजन में पब्लिक विधि महाविद्यालय के निदेशक राजेश दुबे और नीलम पब्लिकेशन के प्रकाशक एवं कार्यक्रम संयोजक दिनेश आर. वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
काव्य गोष्ठी में साहित्यकारों ने बांधा समां
साहित्य संगम संस्था के संस्थापक अध्यक्ष राम सिंह के संचालन में आयोजित काव्य गोष्ठी में अनेक साहित्यकारों और कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। इनमें रामस्वरूप साहू, ओबैद आज़मी, राम व्यास उपाध्याय, जवाहरलाल निर्झर, ओमप्रकाश तिवारी, कल्पेश यादव, रवि यादव, जे.पी. सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, सूर्यकांत शुक्ला, आलोक द्विवेदी (वाराणसी), प्रेम जौनपुरी, जाकिर हुसैन रहबर और मधु चौधरी सहित कई रचनाकार शामिल रहे। कवियों ने सामाजिक सरोकारों, मानवीय संवेदनाओं और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित रचनाएं प्रस्तुत कीं। श्रोताओं ने काव्य प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए पूरे कार्यक्रम का आनंद लिया। काव्य संग्रह ‘छंद पंचामृत’ का लोकार्पण समारोह साहित्य, काव्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति को समर्पित आयोजन के रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में पब्लिक विधि महाविद्यालय के निदेशक राजेश दुबे ने अतिथियों, साहित्यकारों, कवियों और उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
