कैंसर मरीजों को बड़ी राहत, महात्मा फुले और आयुष्मान भारत योजना में PET-CT जांच शामिल
63 कैंसर उपचार पैकेज में अतिरिक्त जांच की सुविधा, 13 प्रकार के कैंसर में स्वतंत्र निदान प्रक्रिया के रूप में भी मान्यता

मुंबई। कैंसर की सटीक पहचान, बीमारी का चरण निर्धारित करने और इलाज के असर का मूल्यांकन करने में महत्वपूर्ण PET-CT स्कैन की महंगी जांच अब महाराष्ट्र में महात्मा ज्योतिराव फुले जनआरोग्य योजना और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के तहत उपलब्ध होगी। राज्य सरकार ने इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 63 कैंसर उपचार पैकेज में PET-CT को अतिरिक्त निदान प्रक्रिया के रूप में शामिल किया है। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी शासन निर्णय के अनुसार, चुनिंदा 13 प्रकार के कैंसर उपचारों में PET-CT स्कैन को स्वतंत्र अथवा नियमित प्राथमिक निदान प्रक्रिया के रूप में भी मान्यता दी गई है। इससे जरूरतमंद कैंसर मरीजों पर महंगी जांच का आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर ने बताया कि PET-CT जांच की अधिक लागत के कारण कई मरीज इसे टाल देते थे, जिससे बीमारी की स्थिति समझने और समय पर उपचार तय करने में देरी होती थी। नागरिकों और योजना से जुड़े अस्पतालों की मांग को देखते हुए एक अध्ययन समिति गठित की गई थी। समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने यह निर्णय लिया है। पहले 44 कैंसर उपचार पैकेज में PET-CT की सुविधा उपलब्ध थी। नए निर्णय के बाद इसे बढ़ाकर 63 उपचार पैकेज कर दिया गया है। इसके अलावा चिकित्सकीय रूप से उपयोगी पाए गए 13 कैंसर उपचारों में इसे नियमित या प्राथमिक जांच के रूप में शामिल किया गया है। सरकार ने PET-CT जांच के लिए दरें भी तय की हैं। होल बॉडी PET-CT के लिए 20,400 रुपये, ब्रेन के लिए 14,650 रुपये, गैलियम-68 के लिए 15,000 रुपये और कार्डियक PET-CT के लिए 9,400 रुपये की दर निर्धारित की गई है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा जांच की चिकित्सकीय आवश्यकता प्रमाणित करना जरूरी होगा। योजना से जुड़े अस्पताल में आवश्यक तकनीकी उपकरण, प्रशिक्षित स्टाफ और अपना इन-हाउस PET-CT सेंटर होना भी अनिवार्य किया गया है। जांच से पहले पूर्व स्वीकृति और आवश्यक चिकित्सकीय दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। राज्य स्वास्थ्य आश्वासन सोसायटी को इस निर्णय के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की TMS 2.0 प्रणाली में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि इस निर्णय से कैंसर मरीजों को समय पर और सटीक जांच उपलब्ध होगी, इलाज की योजना बेहतर तरीके से बनाई जा सकेगी और परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा। उन्होंने इसे राज्य सरकार की कैंसर के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण कदम बताया।
