सोने की चेन के लिए 17 वर्षीय दोस्त की हत्या, ठाणे में पकड़े गए दो नाबालिग
जन्मदिन पार्टी और बाइक के लिए पैसों की जरूरत बनी वजह, शव जलाकर और मोबाइल बस में फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप

ठाणे। कासरवडवली पुलिस ने ठाणे पश्चिम के आजाद नगर निवासी 17 वर्षीय लड़के की हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। मामले में उसके दो नाबालिग दोस्तों को पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने कथित तौर पर उसकी सोने की चेन लूटने के लिए हत्या की साजिश रची थी। पीड़ित 24 सितंबर की शाम करीब 7 बजे घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिवार ने अगले दिन कासरवडवली पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पीड़ित के एक सहपाठी और करीबी दोस्त ने पुलिस को बताया कि उसने 24 सितंबर की रात करीब 8:15 बजे पीड़ित को सफेद होंडा एक्टिवा पर एक अज्ञात युवक के साथ घोड़बंदर रोड की ओर जाते देखा था। पुलिस ने इस सूचना के आधार पर ब्रह्मांड सर्कल और आसपास लगे करीब 80 से 90 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन इस दावे की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सेल टावर लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सहपाठी के बयान और तकनीकी साक्ष्यों में विसंगतियां सामने आईं। 15 अक्टूबर को दोबारा पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली और दूसरे नाबालिग साथी का नाम भी बताया। पुलिस जांच के अनुसार, दोनों नाबालिग पीड़ित के दसवीं कक्षा तक सहपाठी रहे थे। आरोप है कि एक को जन्मदिन की पार्टी के लिए पैसे चाहिए थे, जबकि दूसरा मोटरसाइकिल खरीदना चाहता था। इसी कारण दोनों ने पीड़ित की सोने की चेन लूटने की योजना बनाई। 24 सितंबर की रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच दोनों ने पीड़ित को सिगरेट पीने के बहाने ब्रह्मांड फेज-2 के पास सुनसान झाड़ी वाले इलाके में बुलाया। वहां उस पर कथित तौर पर चाकू से कई वार किए गए और बाद में भारी पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस का आरोप है कि अगले दिन दोनों फिर घटनास्थल पर पहुंचे और पहचान व सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पीड़ित का मोबाइल फोन भी तोड़कर एक सार्वजनिक बस में फेंक दिया गया, ताकि पुलिस की जांच भटकाई जा सके। दोनों नाबालिगों से मिली जानकारी के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने घने झाड़ी वाले इलाके की तलाशी ली, जहां से पीड़ित के आंशिक रूप से जले अवशेष बरामद किए गए। मौके से भौतिक साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। अब मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 238 के तहत हत्या और सबूत मिटाने से संबंधित धाराएं जोड़ी गई हैं। चूंकि दोनों आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए उनके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया किशोर न्याय कानून के तहत की जाएगी। पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे, संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. ज्ञानेश्वर चव्हाण, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक दुधे, डीसीपी प्रशांत कदम और एसीपी ममता डिसूजा के मार्गदर्शन में की गई। जांच टीम का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक निवृत्ति कोल्हटकर और सहायक पुलिस निरीक्षक अमोल कोलेकर ने किया।
