सिंहस्थ कुंभमेले से पहले बदलेगी नाशिक-त्र्यंबकेश्वर की तस्वीर, मुख्यमंत्री फडणवीस ने विकास कार्यों का किया निरीक्षण

अगले 25 से 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित होगा आधुनिक बुनियादी ढांचा, सभी कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश

नाशिक। आगामी सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारियों को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने नाशिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया है। रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सिंहस्थ कुंभमेले के मद्देनजर शुरू की गई विभिन्न विकास परियोजनाओं से नाशिक और त्र्यंबकेश्वर का स्वरूप बदल जाएगा। अगले 25 से 30 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है, ताकि कुंभमेले में आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विकास कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएंगे। सिंहस्थ महाकुंभमेले के ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों के मद्देनजर मुख्यमंत्री फडणवीस ने त्र्यंबकेश्वर और नाशिक के विभिन्न स्थानों का दौरा कर विकास कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने त्र्यंबकेश्वर स्थित दर्शनपथ और गोदाघाट के साथ नाशिक के द्वारका सर्कल तथा ओझर विमानतल का दौरा किया। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्यों की प्रगति और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सिंहस्थ कुंभमेले से संबंधित सभी विकास कार्यों में तेजी लाई जाए और निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। विकास परियोजनाओं का उद्देश्य केवल कुंभमेले की तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करना नहीं, बल्कि आने वाले कई दशकों तक नाशिक और त्र्यंबकेश्वर के नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने त्र्यंबकेश्वर के दर्शनपथ और गोदाघाट क्षेत्र में चल रहे कार्यों का जायजा लेते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने नाशिक के द्वारका सर्कल और ओझर विमानतल पर जारी विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से कार्यों की प्रगति और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप किए जा रहे नियोजन पर चर्चा की। इस अवसर पर पालकमंत्री गिरीश महाजन, जलसंरक्षण विभाग के प्रधान सचिव एवं पालक सचिव एकनाथ डवले, विधायक हिरामण खोसकर, विशेष पुलिस महानिरीक्षक संजय ऐनपुरे, सिंहस्थ कुंभमेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह, जिलाधिकारी आयुष प्रसाद, पुलिस अधीक्षक डॉ. एस. वी. स्वामी, त्र्यंबक नगर परिषद की नगराध्यक्षा त्रिवेणी तुंगार, एमएसआईडीसी के अधिकारी ब्रिजेश दीक्षित, उपविभागीय अधिकारी पवन दत्ता, तहसीलदार गणेश जाधव और मुख्याधिकारी गोविंद जाधव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी सिंहस्थ कुंभमेला नाशिक और त्र्यंबकेश्वर के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसर है। इस आयोजन के लिए तैयार किया जा रहा बुनियादी ढांचा भविष्य में भी श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के उपयोग में आएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्यों में आवश्यक समन्वय बनाए रखने, उनकी गति बढ़ाने और समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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