लखनऊ कांग्रेस कार्यालय में पदभार ग्रहण समारोह के दौरान हंगामा, अजय राय नाराज होकर बाहर बैठे
आराधना मिश्रा ‘मोना’ और इमरान मसूद के कार्यक्रम में समर्थकों के बीच धक्कामुक्की, वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने संभाला मोर्चा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में आराधना मिश्रा ‘मोना’ और इमरान मसूद के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान विवाद और हंगामे की स्थिति पैदा हो गई। कार्यक्रम में कांग्रेस नेता अजय राय के साथ एक महिला कांग्रेस नेता द्वारा कथित तौर पर बदसलूकी किए जाने की बात सामने आने के बाद उनके समर्थकों में नाराजगी फैल गई। विवाद इतना बढ़ गया कि समर्थकों के बीच धक्कामुक्की हुई और जूते चलने की भी बात सामने आई। घटनाक्रम से नाराज अजय राय कांग्रेस कार्यालय के बाहर बैठ गए और पदभार ग्रहण समारोह के बाद आयोजित होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए अंदर नहीं गए। स्थिति को शांत कराने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने अजय राय को मनाने का प्रयास किया। इस घटनाक्रम के बीच नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश का लोकतंत्र और संविधान खतरे में है तथा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक और कांग्रेस कार्यकर्ता का दायित्व है। आराधना मिश्रा ने कहा कि यह समय स्वागत और सम्मान समारोह आयोजित करने का नहीं, बल्कि संघर्ष करने का है। कांग्रेस का इतिहास स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक त्याग, बलिदान और संघर्षों से जुड़ा रहा है। ऐसे में पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है कि वह इस परंपरा को आगे बढ़ाए और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसका निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ किया जाएगा। उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी तथा ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों और कार्यकर्ताओं के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद तक आवाज उठाई जा रही है। आराधना मिश्रा ने संकल्प व्यक्त किया कि जब तक संविधान और लोकतंत्र सुरक्षित नहीं हो जाते, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनका पूरा राजनीतिक जीवन कांग्रेस संगठन से जुड़ा रहा है। उन्होंने पंचायत सदस्य से लेकर विधायक और अब प्रदेश संगठन के सर्वोच्च पद तक का राजनीतिक सफर तय किया है। प्रमोद तिवारी ने विश्वास जताया कि आराधना मिश्रा के नेतृत्व में कांग्रेस उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करेगी और राजनीतिक रूप से वापसी करेगी। हालांकि, पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान अजय राय की नाराजगी और समर्थकों के बीच हुए विवाद ने समारोह में असहज स्थिति पैदा कर दी। वरिष्ठ नेताओं के प्रयासों के बावजूद अजय राय का प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं होना चर्चा का विषय बना रहा। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर आपसी समन्वय और संगठनात्मक अनुशासन को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
